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Trump की मानसिक स्थिति पर सवाल, रक्षा मंत्री का जवाब वायरल कांग्रेस में गरमाई बहस
ईरान संकट के बीच ट्रंप के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने बढ़ाई चिंता, लेकिन सरकार ने किया खुलकर बचाव
अमेरिका की राजनीति में इस वक्त एक नया विवाद तेजी से चर्चा में है। ईरान के साथ जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति Donald Trump की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठे, और इसका जवाब देते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth का बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
दरअसल, कैपिटल हिल में हुई एक सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट सांसद Sara Jacobs ने सीधे तौर पर पूछा कि क्या ट्रंप “कमांडर-इन-चीफ बनने के लिए मानसिक रूप से स्थिर हैं?” यह सवाल ऐसे समय में आया जब ट्रंप के कुछ हालिया बयान और सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
सीधा जवाब देने से बचते दिखे रक्षा मंत्री
इस सवाल का सीधा “हां” या “ना” में जवाब देने के बजाय, पीट हेगसेथ ने पलटकर सवाल किया कि क्या इसी तरह के सवाल पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden से भी पूछे गए थे। इस पर सारा जैकब्स ने जवाब दिया कि “जो बाइडेन अब राष्ट्रपति नहीं हैं, और ट्रंप पिछले डेढ़ साल से सत्ता में हैं।”
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हेगसेथ ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति के बारे में इस तरह की “निंदा” में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने आगे ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि वह एक “शानदार कमांडर-इन-चीफ हैं, जो अपने सैनिकों को सबसे पहले रखते हैं।”
ट्रंप के पोस्ट्स से क्यों बढ़ी चिंता?
ईरान के साथ शांति वार्ता में गतिरोध के बीच ट्रंप ने कई ऐसे पोस्ट किए, जिनसे लोगों की चिंता बढ़ गई। कुछ पोस्ट देर रात किए गए, जब ज्यादातर अमेरिकी सो रहे थे। एक पोस्ट में तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।”
इतना ही नहीं, एक एआई-जनरेटेड तस्वीर भी सामने आई, जिसमें ट्रंप खुद को एक दिव्य रूप में दिखाते नजर आए। इस तस्वीर को लेकर काफी आलोचना हुई, जिसके बाद उसे हटा दिया गया। हालांकि ट्रंप ने बाद में सफाई दी कि यह “लोगों को बेहतर बनाने वाले डॉक्टर” के रूप में उनकी छवि दिखाने की कोशिश थी।

1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट—नई रणनीति?
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिकी सरकार ने 2027 के लिए एक बड़ा रक्षा बजट प्रस्ताव भी पेश किया है। यह बजट करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर का है, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खर्च माना जा रहा है।
सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पेश होते हुए हेगसेथ ने कहा कि यह बजट अमेरिका की सैन्य ताकत को आने वाले समय के लिए तैयार करेगा। उनका दावा है कि इससे सेना की क्षमता, हथियारों की आधुनिकता और सैनिकों की सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जूनियर सैनिकों के वेतन में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी और खराब बैरकों को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
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राजनीति या सुरक्षा—क्या है असली मुद्दा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की मानसिक स्थिति पर उठे सवाल केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे समय में जब अमेरिका ईरान जैसे बड़े संकट का सामना कर रहा है, राष्ट्रपति के हर बयान और फैसले का सीधा असर वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।
वहीं, ट्रंप समर्थकों का कहना है कि यह सब राजनीतिक हमला है और विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर सरकार को घेरना चाहता है।
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आगे क्या?
फिलहाल यह मामला केवल बयानबाजी और बहस तक सीमित है, लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैल रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह और बड़ा रूप ले सकता है।
ईरान संकट, रक्षा बजट और राष्ट्रपति की छवि—तीनों मिलकर अमेरिका की राजनीति को एक नए मोड़ पर ले जा रहे हैं।

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