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Iranian की राजनीति में हलचल! क्या हटाए जाएंगे विदेश मंत्री Abbas अराघची?

राष्ट्रपति और संसद स्पीकर की नाराजगी, परमाणु वार्ता को लेकर बढ़ा सत्ता संघर्ष

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Iran may remove Foreign Minister Abbas Araghchi amid nuclear talks tension

मध्य पूर्व की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। कहा जा रहा है कि देश के शीर्ष नेता उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद के स्पीकर मोहम्मद ग़ालिबाफ का मानना है कि अराघची एक स्वतंत्र मंत्री के बजाय अहमद वहिदी के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि सरकार के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ हफ्तों में विदेश मंत्री ने कई अहम फैसले राष्ट्रपति को बिना बताए लिए, जिससे नाराजगी और गहरा गई। सूत्रों के मुताबिक, अगर यही स्थिति बनी रही तो राष्ट्रपति उन्हें पद से हटा सकते हैं।

इस पूरे विवाद की जड़ अमेरिका के साथ चल रही परमाणु वार्ता है। एक ओर कट्टरपंथी गुट बातचीत के खिलाफ है, वहीं उदारवादी नेता पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के पक्ष में हैं ताकि आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिल सके।

इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का प्रभाव भी लगातार बढ़ता दिख रहा है। माना जा रहा है कि देश की नीतियों में इस अर्धसैनिक बल की भूमिका पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है।

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हालात तब और जटिल हो गए जब इजरायल के साथ बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाइयों ने ईरान के भीतर सुरक्षा ढांचे को प्रभावित किया। हाल ही में शीर्ष नेतृत्व पर हुए हमलों के बाद सत्ता संतुलन भी बदलता नजर आ रहा है।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को भी IRGC के करीबी के तौर पर देखा जाता है, जिससे यह संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में देश की विदेश नीति और ज्यादा सख्त हो सकती है।

फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ईरान अपनी आंतरिक राजनीतिक खींचतान से निकलकर अमेरिका के साथ किसी समझौते तक पहुंच पाएगा या नहीं। आने वाले दिनों में यह मामला और भी गरमाने की संभावना है।

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