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दुबई का बड़ा फैसला! प्रॉपर्टी वीज़ा के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त खत्म, विदेशी निवेशकों को बड़ा फायदा
अब कम बजट में भी मिल सकेगा रेजिडेंट वीज़ा, मिड-टियर निवेशकों को आकर्षित करने की तैयारी
मिडिल ईस्ट के प्रमुख बिजनेस हब Dubai ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रॉपर्टी खरीदकर वीज़ा लेने के लिए न्यूनतम निवेश की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
पहले नियमों के तहत निवेशकों को कम से कम AED 7,50,000 (करीब ₹1.9 करोड़) की प्रॉपर्टी खरीदनी होती थी, तभी उन्हें दो साल का रेजिडेंट वीज़ा मिलता था। लेकिन अब इस शर्त को हटा दिया गया है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के निवेशकों के लिए रास्ता आसान हो गया है।
हालांकि, नए नियमों के अनुसार यदि कोई प्रॉपर्टी संयुक्त (joint ownership) में खरीदी जाती है, तो हर निवेशक का हिस्सा कम से कम AED 4,00,000 (करीब ₹1.03 करोड़) होना जरूरी होगा।
यह बदलाव Dubai Land Department से जुड़े Cube Centre के अपडेट के बाद सामने आया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वैश्विक तनाव, खासकर अमेरिका-इज़राइल और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बीच दुबई की “सुरक्षित निवेश स्थल” की छवि को थोड़ा झटका लगा है। ऐसे में रियल एस्टेट सेक्टर को दोबारा गति देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
- अब कम बजट वाले निवेशक भी दुबई में प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे
- रेजिडेंट वीज़ा पाना होगा आसान
- मिड-मार्केट इन्वेस्टर्स की एंट्री बढ़ेगी
हालांकि, एक्सपर्ट्स यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि संयुक्त निवेश में न्यूनतम हिस्सेदारी की शर्त इसलिए रखी गई है, ताकि लोग सिर्फ वीज़ा पाने के लिए छोटी-छोटी रकम मिलाकर निवेश न करें।

क्या होगा असर?
इस फैसले से दुबई का रियल एस्टेट बाजार एक बार फिर तेजी पकड़ सकता है। खासकर भारत जैसे देशों के निवेशकों के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, जहां लोग विदेश में प्रॉपर्टी निवेश के साथ रेजिडेंसी का फायदा लेना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, दुबई का यह कदम ग्लोबल निवेशकों के लिए एक खुला न्योता है—कम निवेश में बड़ा फायदा उठाने का मौका।
