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Angkrish Raghuvanshi का ‘Obstructing the Field’ आउट सही था या गलत? MCC ने दिया अपना Final Verdict

IPL 2026 के सबसे विवादित dismissal पर क्रिकेट के कानून बनाने वाली संस्था Marylebone Cricket Club ने साफ किया — Raghuvanshi का आउट होना बिल्कुल सही था।

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MCC का Final Verdict: Angkrish Raghuvanshi का 'Obstructing the Field' आउट था बिल्कुल सही — जानें पूरा कानून | Dainik Diary
Angkrish Raghuvanshi का IPL 2026 में 'Obstructing the Field' आउट — MCC ने कहा यह dismissal बिल्कुल सही था | BCCI/IPL

IPL 2026 में Kolkata Knight Riders के युवा बल्लेबाज़ Angkrish Raghuvanshi का ‘Obstructing the Field’ आउट इस सीज़न के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया था। Lucknow Super Giants के खिलाफ मैच में third umpire के इस फैसले पर क्रिकेट जगत दो खेमों में बंट गया था। लेकिन अब क्रिकेट के नियमों की सर्वोच्च संस्था Marylebone Cricket Club (MCC) ने इस पर अपना final verdict सुना दिया है — और यह verdict Raghuvanshi के पक्ष में नहीं है।

क्या हुआ था उस विवादित पल में?

Raghuvanshi एक quick single के लिए दौड़े, लेकिन उनके batting partner ने उन्हें वापस बुला लिया। जैसे ही वो U-turn लेकर striker’s end की तरफ वापस दौड़े और dive लगाई — field से आई throw उनके शरीर से टकरा गई। fielding side ने appeal की और third umpire ने Law 37 के तहत उन्हें ‘Obstructing the Field’ आउट करार दिया।

MCC का जवाब — “यह deliberate था”

MCC ने Law 37.1.1 को स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई भी बल्लेबाज़ तभी इस तरह आउट हो सकता है जब उसने जानबूझकर fielding side को obstruct करने की कोशिश की हो।

MCC के अनुसार — “कोई बल्लेबाज़ जो दौड़ते हुए अपनी दिशा बदलता है — खासकर pitch के बीच से दौड़ता है या ऐसा रास्ता लेता है जो दूसरे end तक पहुंचने का सबसे तेज़ रास्ता न हो — वो एक wilful act कर रहा है।”

इसी interpretation को Raghuvanshi के मामले पर लागू करते हुए MCC ने कहा —

“Raghuvanshi clearly इस criteria पर खरे उतरते हैं। जब वो run के लिए निकले, तो वो wicket के off side पर थे। लेकिन जैसे ही ball fielder के पास पहुंची, वो pitch के बीच में आ गए — जहाँ उन्हें होना ही नहीं चाहिए था — और फिर leg side से वापस लौटे, खुद को ball और wicket के बीच रख लिया। यह definition के हिसाब से एक wilful act है।”

“अगर वो off side पर ही रहते तो बच जाते”

MCC ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर Raghuvanshi ने pitch पर cross नहीं किया होता, तो फैसला अलग होता —

“अगर वो off side पर ही रहते, तो ball उन्हें hit नहीं करती और obstruction का कोई सवाल ही नहीं उठता। अगर वो leg side से दौड़े होते और वहीं से वापस लौटते — तो वो रास्ते में तो होते, लेकिन wilfully नहीं। उनका pitch पर जानबूझकर cross करना ही उनके आउट होने की वजह बना।”

“Crease तक पहुंच जाते” वाला तर्क भी खारिज

कई लोगों ने यह argument दिया था कि throw न लगती तो भी Raghuvanshi crease तक पहुंच जाते — इसलिए उन्हें आउट नहीं देना चाहिए था। लेकिन MCC ने इस तर्क को भी सिरे से खारिज कर दिया —

“यह एक consideration नहीं है। जब तक obstruction किसी catch को रोकने के लिए नहीं हो — dismissal होती या नहीं, यह Obstructing the Field के law के तहत कोई मायने नहीं रखता।”

MCC का Final Verdict: Angkrish Raghuvanshi का 'Obstructing the Field' आउट था बिल्कुल सही — जानें पूरा कानून | Dainik Diary


Cricket के नियमों की जटिलता

यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि cricket के नियम कितने सूक्ष्म और जटिल हो सकते हैं। एक split-second का फैसला, एक दिशा का बदलाव — और पूरा match पलट सकता है।

MCC का यह clarification न सिर्फ इस specific dismissal पर, बल्कि भविष्य के लिए भी एक ज़रूरी guidelines बन गया है। खिलाड़ियों, coaches और fans — सभी को यह समझना ज़रूरी है कि pitch पर दिशा बदलना कितना महंगा पड़ सकता है।

Raghuvanshi एक प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं — उम्मीद है इस अनुभव से वो और सतर्क होकर खेलेंगे