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Iran युद्ध के असर से अटका Mukesh Ambani’s का बड़ा दांव! Jio IPO की तैयारी पर लगा ब्रेक
रिलायंस की 4 बिलियन डॉलर वाली Jio IPO योजना पर वैश्विक तनाव और बाजार की गिरावट का असर, निवेशकों की बढ़ी चिंता
भारत के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की बहुप्रतीक्षित Jio IPO योजना फिलहाल मुश्किल दौर से गुजरती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms का करीब 4 बिलियन डॉलर का IPO अब वैश्विक परिस्थितियों और बाजार में अस्थिरता की वजह से धीमा पड़ गया है।
बताया जा रहा है कि ईरान में जारी तनाव और उससे प्रभावित अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने इस बड़े IPO की तैयारी पर असर डाला है। रिलायंस फिलहाल IPO की संरचना और समय को लेकर दोबारा समीक्षा कर रही है। हालांकि कंपनी अब भी ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की योजना बनाए हुए है, लेकिन लॉन्च की कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है।
दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। विदेशी निवेशकों की निकासी तेज हुई है और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। ऐसे माहौल में किसी बड़े IPO को सही वैल्यूएशन देना कंपनियों के लिए चुनौती बन जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस के सामने सबसे बड़ी चिंता Jio की वैल्यूएशन को लेकर है। बाजार में कमजोरी की वजह से यह डर बना हुआ है कि कहीं Jio की कीमत उसके प्रतिद्वंद्वी Bharti Airtel से कम न आंकी जाए। यही कारण है कि कंपनी इस समय कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती।
Jio IPO को भारत के पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक इवेंट माना जा रहा है। अगर यह IPO लॉन्च होता है तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। इससे पहले Hyundai Motor India ने करीब 3.3 बिलियन डॉलर जुटाए थे।
Jio Platforms में Meta, Google, Saudi Public Investment Fund, Mubadala, Silver Lake और KKR जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी है। ऐसे में IPO से मिलने वाले रिटर्न को लेकर भी निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं। लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात ने कई विदेशी निवेशकों के फैसलों को धीमा कर दिया है।
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सूत्रों के मुताबिक, कुछ मध्य-पूर्वी निवेशकों के लिए बोर्ड अप्रूवल जैसी प्रक्रियाएं भी युद्ध के माहौल की वजह से प्रभावित हुई हैं। यही वजह है कि IPO की टाइमलाइन लगातार आगे खिसकती नजर आ रही है।

इस बीच रिलायंस ने IPO की रणनीति में भी बदलाव किया है। पहले जहां पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने की योजना थी, अब कंपनी पूरी तरह नए शेयर जारी करने के विकल्प पर ध्यान दे रही है।
मुकेश अंबानी की यह डील भारतीय स्टॉक मार्केट के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे समय में जब IPO मार्केट की रफ्तार धीमी पड़ी है, Jio IPO निवेशकों के भरोसे को फिर से मजबूत कर सकता है। हालांकि फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वैश्विक हालात कब सामान्य होते हैं और रिलायंस आखिर इस बड़े कदम को कब आगे बढ़ाती है।
