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चार मैच तक पैड पहने बैठा रहा, लेकिन जब मौका मिला तो Manish Pandey ने कर दिखाया कमाल!
KKR की जीत के हीरो Manish Pandey ने खोला राज — कैसे उन्होंने धैर्य रखा और सही वक्त पर टीम को दिलाई जीत
मुंबई के खिलाफ Eden Gardens में खेले गए रोमांचक मुकाबले में Kolkata Knight Riders ने चार विकेट से जीत दर्ज की और अपनी प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखीं। लेकिन इस जीत की असली कहानी थी एक ऐसे बल्लेबाज की, जो हफ्तों से मैदान के किनारे खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था — और जब मौका आया, तो उसने अपनी टीम को डूबने से बचा लिया।
Manish Pandey — यह नाम IPL में कोई नया नहीं है। लेकिन इस सीजन में वे एक अलग ही तरह की जंग लड़ रहे थे। मैच के बाद जब उन्होंने IPL द्वारा X पर जारी एक वीडियो में दिल की बात कही, तो हर क्रिकेट प्रेमी का दिल भर आया।
“चार मैच तक पैड पहने, इंतजार में रहा…”
Pandey ने बताया कि पिछले चार मैचों में वे हर बार तैयार होकर बैठते थे, पैड बांधते थे, लेकिन बारी नहीं आती थी। ऑर्डर में नीचे धकेला जाता था। पर उन्होंने कभी शिकायत नहीं की।
उन्होंने कहा — “यह खेल का हिस्सा है। हम अपनी रणनीति के हिसाब से बदलाव करते हैं। जैसे ही मुझे पता चला कि मुझे नंबर तीन पर खेलना है, मैंने तुरंत खुद को मानसिक रूप से तैयार करना शुरू कर दिया।”
यह वो जज्बा है जो हर सच्चे खिलाड़ी में होना चाहिए — बिना शोर मचाए, बिना मन में गिले-शिकवे पाले, बस मौके का इंतजार करो और जब आए तो दोनों हाथों से थाम लो।
148 का पीछा, मुश्किल विकेट, और Pandey का धैर्य
Mumbai Indians ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 147/8 का स्कोर खड़ा किया। KKR के गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया — Cameron Green और Saurabh Dubey ने दो-दो विकेट लिए।
लेकिन असली परीक्षा थी बल्लेबाजी में। Eden Gardens की पिच दो रफ्तारों वाली थी — कुछ गेंदें धीमी होकर आतीं, कुछ अचानक उछाल लेतीं। ऐसे में 33 गेंदों में 45 रन बनाना कोई छोटी बात नहीं थी।
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Pandey ने कप्तान Ajinkya Rahane के साथ एक अहम साझेदारी निभाई और फिर Rovman Powell के साथ भी मिलकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया।
उन्होंने बताया — “Ajju भाई (Ajinkya Rahane) लगातार कह रहे थे — छोटी-छोटी साझेदारी बनाओ, गेंद को ध्यान से देखो। और बस मैंने वही किया। मेरी और Ajju की साझेदारी, और फिर मेरी और Rovman की — इन दोनों ने ही हमें वह मुकाम दिलाया जहां आखिरी 25 गेंदों में 25 रन चाहिए थे।” आखिर में Rinku Singh ने एक चौका जड़कर मैच KKR के नाम कर दिया।
फिटनेस और विश्वास — यही है Pandey का मंत्र

Pandey ने बताया कि इस सीजन से पहले वे घरेलू क्रिकेट के बाद फिटनेस और नेट्स पर काफी मेहनत कर रहे थे। वे जानते थे कि टीम ने उन पर भरोसा जताया है, तो उन्हें उस भरोसे को कायम रखना है।
उन्होंने कहा — “प्रोसेस सबसे जरूरी है। खेलते रहो, मेहनत करते रहो — क्योंकि आप नहीं जानते कि मौका कब आएगा। और जब आए, तो उसे दोनों हाथों से पकड़ लो।”
यही वो सोच है जो एक सामान्य खिलाड़ी को महान बनाती है। Manish Pandey की यह पारी सिर्फ 45 रन की नहीं थी — यह धैर्य, तैयारी और विश्वास की जीत थी।
KKR अब प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है। आने वाले मैचों में टीम का प्रदर्शन यह तय करेगा कि वे चौथी बार IPL ट्रॉफी उठा पाते हैं या नहीं।
