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Gautam Adani को बड़ी राहत! अमेरिका में खत्म हो सकते हैं Fraud Cases, इस हफ्ते आ सकता है बड़ा फैसला
US Justice Department और SEC अडानी समूह के खिलाफ चल रहे मामलों को सुलझाने की तैयारी में, अंतरराष्ट्रीय बाजार में वापसी का रास्ता हो सकता है साफ।
भारत के उद्योगपति गौतम अडानी को जल्द बड़ी कानूनी राहत मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने अडानी समूह के खिलाफ चल रहे फ्रॉड मामलों को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका का Justice Department इस सप्ताह ही गौतम अडानी और अन्य आरोपियों पर लगे आपराधिक आरोप वापस लेने की घोषणा कर सकता है। इसके साथ ही अमेरिकी बाजार नियामक संस्था SEC (Securities and Exchange Commission) भी समानांतर चल रहे सिविल फ्रॉड केस को सुलझाने की तैयारी में है।
अगर ऐसा होता है तो यह अडानी समूह के लिए पिछले कई महीनों में सबसे बड़ी राहत मानी जाएगी।
दरअसल, नवंबर 2024 में अमेरिका के Brooklyn स्थित US Attorney’s Office ने गौतम अडानी और अन्य लोगों पर भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए कथित रिश्वत योजना चलाने का आरोप लगाया था। आरोप था कि करीब 250 मिलियन डॉलर की कथित रिश्वत योजना के जरिए सरकारी अधिकारियों को प्रभावित किया गया।
हालांकि अडानी समूह ने शुरुआत से ही इन सभी आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि कंपनी सभी नियमों का पालन करती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला लंबे समय से अटका हुआ था क्योंकि अडानी परिवार का कोई सदस्य अमेरिकी अदालत में पेश नहीं हुआ। वहीं SEC की ओर से दायर सिविल केस जरूर आगे बढ़ रहा था, जिसमें अडानी के वकीलों ने अदालत में यह तर्क दिया था कि अमेरिकी एजेंसियों के पास इस मामले में आवश्यक अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) नहीं है।
अब अगर अमेरिकी एजेंसियां मामले वापस लेती हैं या समझौता करती हैं, तो अडानी समूह के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी को विदेशी पूंजी बाजारों में दोबारा तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।
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अडानी समूह का कारोबार ऊर्जा, एयरपोर्ट, पोर्ट, कोयला खनन और ग्रीन एनर्जी समेत कई बड़े सेक्टर्स में फैला हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में समूह ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की है।

सूत्रों का कहना है कि SEC केस के निपटारे में कुछ आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन इससे कंपनी को लंबे कानूनी संघर्ष से राहत मिल जाएगी।
हालांकि अभी तक US Justice Department, SEC या Adani Group की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनियाभर के निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर भारतीय शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय निवेश माहौल दोनों पर पड़ सकता है।
