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ईरान युद्ध का असर: Air India करेगी खर्चों में कटौती, अगले 3 महीने उड़ानें भी होंगी कम
भारी घाटे और बढ़ते वैश्विक संकट के बीच Air India ने कर्मचारियों के बोनस और फ्लाइट क्षमता पर बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए
टाटा ग्रुप की एयरलाइन Air India एक बार फिर मुश्किल दौर से गुजर रही है। ईरान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस संकट के चलते कंपनी अब बड़े स्तर पर खर्चों में कटौती की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरलाइन अगले तीन महीनों तक अपनी फ्लाइट क्षमता में 20% से ज्यादा कमी कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को हुई बोर्ड मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें गैर-तकनीकी कर्मचारियों को अस्थायी छुट्टी (फरलो) पर भेजना, वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी में कटौती और कर्मचारियों के बोनस घटाना शामिल है।
बढ़ते संकट ने बढ़ाई चिंता
Air India पहले से ही भारी वित्तीय दबाव झेल रही है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष में 220 अरब रुपये से अधिक का रिकॉर्ड घाटा दर्ज किया था। अब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक विमानन उद्योग में पैदा हुई अस्थिरता ने एयरलाइन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते कई एयर रूट प्रभावित हुए हैं। तेल की कीमतों में तेजी और एयरस्पेस प्रतिबंधों का सीधा असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ रहा है। Air India के लिए यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले साल पाकिस्तान सीमा तनाव और एक घातक विमान हादसे के बाद कंपनी पहले ही दबाव में थी।
कर्मचारियों पर भी असर संभव
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों यानी वाइस प्रेसिडेंट और उससे ऊपर के कर्मचारियों की सैलरी में कटौती पर विचार कर रही है। साथ ही इस साल बोनस भुगतान भी कम किया जा सकता है।
हालांकि Air India की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इन फैसलों की औपचारिक घोषणा हो सकती है।
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नए CEO की तलाश जारी
इन चुनौतियों के बीच Air India फिलहाल नए CEO की तलाश भी कर रही है। कंपनी के पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन ने अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था।
दूसरी ओर, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने हाल ही में एविएशन विशेषज्ञ विली वॉल्श को नया CEO नियुक्त किया है। ऐसे में Air India पर भी मजबूत नेतृत्व लाने का दबाव बढ़ गया है।

Singapore Airlines की बढ़ी भागीदारी
Air India में 25.1% हिस्सेदारी रखने वाली Singapore Airlines भी कंपनी के लगातार घाटे से प्रभावित हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब Singapore Airlines Air India के संचालन में अपनी भागीदारी और बढ़ा सकती है ताकि कंपनी को स्थिरता मिल सके।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मध्य पूर्व का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले महीनों में भारतीय विमानन उद्योग पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
