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JPMorgan विवाद: क्या छुट्टी के लिए पिता की मौत का झूठ बोला गया? केस में नया मोड़
पूर्व बैंकर के गंभीर आरोपों पर उठे सवाल, जांच में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग जगत से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है, जहां एक पूर्व कर्मचारी के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। लेकिन अब इस केस में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला JPMorgan Chase के पूर्व कर्मचारी Chirayu Rana से जुड़ा है, जिन्होंने बैंक की एक वरिष्ठ अधिकारी Lorna Hajdini पर गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, अब सामने आई नई जानकारी ने पूरे घटनाक्रम को उलझा दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राणा ने दिसंबर 2024 में अपने अधिकारियों को बताया था कि उनके पिता का निधन हो गया है, जिसके चलते उन्हें तुरंत छुट्टी लेनी पड़ी। उन्होंने कथित तौर पर शोक अवकाश (bereavement leave) के साथ अन्य छुट्टियों को जोड़कर करीब तीन महीने की पेड लीव ली।
लेकिन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि उनके पिता Chaitanya Rana जीवित हैं। जब उनसे संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस पूरे मामले और अपने बेटे के दावों से अनभिज्ञता जताई। इस खुलासे के बाद राणा के पूरे केस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल, राणा ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि हजदिनी ने उन्हें मानसिक और पेशेवर दबाव में रखकर गलत संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें धमकी दी गई थी कि उनका बोनस रोक दिया जाएगा।
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हालांकि, हजदिनी की तरफ से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है। उनके वकीलों का कहना है कि दोनों के बीच ऐसा कोई संबंध या कामकाजी स्थिति ही नहीं थी, जिससे ऐसे आरोपों की पुष्टि हो सके। कंपनी के रिकॉर्ड भी बताते हैं कि दोनों अलग-अलग विभागों में काम करते थे और उनके रिपोर्टिंग मैनेजर भी अलग थे।

इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या कभी-कभी बड़े कानूनी विवादों में व्यक्तिगत लाभ के लिए तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जाता है? जैसे कई बार कॉर्पोरेट दुनिया में कर्मचारियों और कंपनियों के बीच विवाद होते हैं, लेकिन इस केस में सामने आई जानकारी ने इसे और भी जटिल बना दिया है।
फिलहाल, इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में कानूनी प्रक्रिया के जरिए साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि यह विवाद अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर विश्वसनीयता की परीक्षा बन गया है।
