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घरेलू यात्रियों को राहत, विदेश यात्रा महंगी: जेट फ्यूल की कीमतों में नया बदलाव
पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार और तेल कंपनियों का संतुलन—घरेलू उड़ानों के लिए ATF स्थिर, अंतरराष्ट्रीय के लिए बढ़ोतरी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की हवाई यात्रा पर भी साफ दिखने लगा है। हालांकि राहत की बात यह है कि देश के अंदर यात्रा करने वाले यात्रियों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों, जिन्हें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) कहा जाता है, ने घरेलू उड़ानों के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी Indian Oil Corporation के अनुसार, यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद घरेलू यात्रियों को राहत देने के लिए लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बढ़ा खर्च
जहां एक तरफ घरेलू उड़ानों के लिए कीमतें स्थिर रखी गई हैं, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी की गई है। 1 मई से लागू नई दरों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट फ्यूल की कीमत में करीब 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर की वृद्धि की गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बराबर है।
इसका सीधा असर विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है, क्योंकि एयरलाइंस अक्सर बढ़ी हुई लागत को टिकट कीमतों में शामिल कर देती हैं।

पहले भी किया गया था आंशिक समायोजन
इससे पहले 1 अप्रैल को सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी की अनुमति दी थी। उस समय कीमतों में करीब 25% या 15,000 रुपये प्रति किलोलीटर का इजाफा किया गया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी बढ़ोतरी लागू की गई थी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एक संतुलन बनाने की कोशिश है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार घरेलू विमानन क्षेत्र और आम यात्रियों को झटका देने से बचाना चाहती है।
अगर घरेलू उड़ानों के लिए भी पूरी तरह कीमतें बढ़ा दी जातीं, तो इसका असर पर्यटन, व्यापार यात्रा और आम लोगों की जेब पर सीधा पड़ता।
आगे क्या हो सकता है?
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को ATF की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में अगर पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, घरेलू यात्रियों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, लेकिन विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अब थोड़ा ज्यादा खर्च के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
