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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘Missing Link’ शुरू! अब 30 मिनट कम होगा सफर, घाट ट्रैफिक से राहत
CM Devendra Fadnavis ने किया उद्घाटन, नई सुरंगों और पुलों से सफर होगा तेज और सुरक्षित
महाराष्ट्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट आखिरकार शुरू हो गया है। इस 13.3 किलोमीटर लंबे आधुनिक मार्ग का उद्घाटन मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने किया, जिसमें उनके साथ उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde भी मौजूद रहे।
क्या है ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट खोपोली (मुंबई साइड) को लोनावला के पास कुसगांव (पुणे साइड) से जोड़ता है। इसका मुख्य उद्देश्य घाट (पहाड़ी रास्ते) वाले खतरनाक और ट्रैफिक से भरे हिस्से को बायपास करना है।
इस परियोजना को Maharashtra State Road Development Corporation (MSRDC) ने करीब ₹6,700 करोड़ की लागत से तैयार किया है।
क्या मिलेगा फायदा?
- सफर का समय 20–30 मिनट कम
- दूरी में करीब 6 किलोमीटर की कमी
- ट्रैफिक जाम से राहत
- सड़क हादसों में कमी
- ईंधन की बचत और प्रदूषण कम
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से रोजाना करीब ₹1 करोड़ तक की ईंधन बचत संभव है।
हाईटेक इंजीनियरिंग का कमाल
इस ‘Missing Link’ में कई आधुनिक संरचनाएं शामिल हैं:
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- 2 बड़ी सुरंगें (टनेल)
- एक 1.58 किमी
- दूसरी 8.86 किमी (दुनिया की चौड़ी सुरंगों में शामिल)
- 2 वायाडक्ट (ऊंचे पुल)
- 650 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज (टाइगर वैली के ऊपर)
यह पुल भारत के सबसे ऊंचे रोड केबल-स्टे ब्रिज में से एक है, जिसकी ऊंचाई 182 मीटर तक जाती है।

किन वाहनों को मिलेगी एंट्री?
फिलहाल इस नए रूट पर केवल हल्के वाहन और बसें चल सकेंगी। भारी वाहनों को सुरक्षा कारणों से पुराने घाट मार्ग का ही इस्तेमाल करना होगा।
टोल पर क्या असर?
सरकार ने साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट के चलते फिलहाल किसी भी टोल में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है। ऐसे में ‘Missing Link’ के जुड़ने से यह और ज्यादा आधुनिक, सुरक्षित और तेज बन गया है।
