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गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी, लेकिन Coal India की उत्पादन में गिरावट से बढ़ी चिंता
अप्रैल में 9.7% घटा उत्पादन, रिकॉर्ड पावर डिमांड के बीच सप्लाई पर पड़ सकता है असर
देश में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन इसी समय एक चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। सरकारी कंपनी Coal India Ltd ने अप्रैल 2026 में अपने कोयला उत्पादन में गिरावट दर्ज की है।
कंपनी के मुताबिक, अप्रैल में उत्पादन घटकर 56.1 मिलियन टन रह गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 9.7% कम है। यह गिरावट ऐसे समय पर आई है जब देश में बिजली की मांग चरम पर है।
क्यों अहम है यह गिरावट?
भारत में करीब 70% बिजली उत्पादन कोयले पर निर्भर है। ऐसे में Coal India की उत्पादन में कमी सीधे बिजली सप्लाई को प्रभावित कर सकती है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग
गर्मी के कारण देश में पावर डिमांड लगातार बढ़ रही है। हाल ही में यह आंकड़ा 255 GW से ज्यादा पहुंच गया, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है।
AC, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग ने खपत को तेजी से बढ़ाया है।
सप्लाई पर पड़ सकता है असर
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार:
- थर्मल पावर प्लांट्स को कोयले की कमी का सामना करना पड़ सकता है
- इंडस्ट्रीज के लिए ईंधन महंगा हो सकता है
- आयातित कोयले पर निर्भरता बढ़ सकती है
बिक्री (Offtake) में भी गिरावट
केवल उत्पादन ही नहीं, Coal India की बिक्री (ऑफटेक) में भी गिरावट आई है।
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- अप्रैल में ऑफटेक: 63.2 मिलियन टन
- पिछले साल: 64.5 मिलियन टन
किन कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर?
Coal India की कुछ सहायक कंपनियों जैसे:

Eastern Coalfields Ltd- Bharat Coking Coal Ltd
- Western Coalfields Ltd
ने उत्पादन में गिरावट दर्ज की है, जबकि कुछ यूनिट्स ने बेहतर प्रदर्शन भी किया।
आगे क्या?
अगर आने वाले महीनों में उत्पादन नहीं बढ़ा, तो देश को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है, खासकर पीक समर में।
सरकार और कंपनियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बढ़ती मांग के बीच सप्लाई को कैसे संतुलित रखा जाए।
