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हॉर्मुज़ संकट के बीच भारत के लिए राहत की कोशिश: LPG से भरा टैंकर ‘Sarv Shakti’ निकला खतरनाक रास्ते पर
कुकिंग गैस की कमी के बीच भारत से जुड़ा जहाज हॉर्मुज़ पार करने की कोशिश में, ऊर्जा संकट के संकेत गहरे
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत की एक अहम कोशिश सामने आई है। भारत से जुड़ा एक बड़ा LPG टैंकर ‘Sarv Shakti’ खतरनाक Strait of Hormuz को पार करने की कोशिश कर रहा है।
यह वही समुद्री रास्ता है, जहां हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘Sarv Shakti’ नाम का यह सुपरटैंकर करीब 45,000 टन LPG (कुकिंग गैस) लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत रजिस्टर्ड है और इसमें भारतीय क्रू मौजूद है।
बताया जा रहा है कि यह टैंकर ईरान के पास स्थित लारक और क़ेश्म द्वीप के करीब से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ा है।
क्यों खास है यह यात्रा?
यह यात्रा इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि:
- हॉर्मुज़ में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो चुकी है
- यह भारत से जुड़ा पहला बड़ा टैंकर हो सकता है जो इस संकट के बाद निकलने की कोशिश कर रहा है
- इससे भारत की ऊर्जा सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है
भारत पर क्यों है दबाव?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और LPG का बड़ा उपभोक्ता है।
हालिया संकट के कारण:
- कुकिंग गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है
- कई जगहों पर गैस की कमी और लंबी कतारें देखी गईं
- होटल और रेस्टोरेंट्स को भी मेन्यू कम करना पड़ा
सरकार की क्या रणनीति?
सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं:
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- बंदरगाहों पर LPG जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है
- ईरान के साथ बातचीत कर सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित किया जा रहा है
- घरेलू LPG उत्पादन में 60% तक बढ़ोतरी की गई है
साथ ही, देश में खपत को भी थोड़ा कम किया गया है ताकि सप्लाई संतुलित रहे।
जोखिम अभी भी बरकरार
हालांकि, हॉर्मुज़ से गुजरना अभी भी बेहद जोखिम भरा है।

कई जहाजों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा- कुछ जहाजों ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए ट्रांसपोंडर बंद कर दिए
- सैन्य गतिविधियों के कारण खतरा लगातार बना हुआ है
आगे क्या?
अगर ‘Sarv Shakti’ सफलतापूर्वक यह रास्ता पार कर लेता है, तो यह भारत के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में स्थिरता नहीं आती, तब तक ऊर्जा संकट पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
