Business
Amazon India का बड़ा ऐलान: ₹2,800 करोड़ का निवेश, कर्मचारियों की भलाई और डिलीवरी नेटवर्क होगा मजबूत
हेल्थ, सेफ्टी और ऑपरेशंस पर फोकस, AI और क्विक कॉमर्स में भी तेजी लाने की तैयारी
ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए Amazon India ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह देश में ₹2,800 करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सेहत, सुरक्षा और आर्थिक भलाई को बेहतर बनाना है।
यह निवेश Amazon की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी 2030 तक भारत में $35 बिलियन से ज्यादा का निवेश करने की तैयारी में है। इस फंड का इस्तेमाल बिजनेस विस्तार, AI आधारित तकनीक, एक्सपोर्ट बढ़ाने और नए रोजगार सृजन के लिए किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, इस निवेश से उसके ऑपरेशंस नेटवर्क को भी बड़ा विस्तार मिलेगा। खासकर क्विक कॉमर्स (तेज डिलीवरी) पर जोर दिया जाएगा, ताकि ग्राहकों तक सामान मिनटों या कुछ घंटों में पहुंचाया जा सके।
Amazon अपने कर्मचारियों के लिए कई नई सुविधाएं भी शुरू करेगा। इसमें हेल्थ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस को बेहतर बनाना, सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और ‘प्रोजेक्ट आश्रय’ जैसे वेलफेयर प्रोग्राम्स का विस्तार शामिल है। इससे हजारों कर्मचारियों और 2 लाख से ज्यादा कम्युनिटी मेंबर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने बताया कि 2025 में किए गए ₹2,000 करोड़ के निवेश से 17 नए फुलफिलमेंट सेंटर, 6 सॉर्टेशन सेंटर और 75 डिलीवरी स्टेशन शुरू किए गए थे। अब नए निवेश के साथ इस नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा।
और भी पढ़ें : Bigg Boss 19 फिनाले में Salman Khan का धमाका—कन्फर्म किया Kick 2, बोले: “मैं कर रहा हूँ Kick 2”
इसके अलावा, Amazon ने अपनी क्विक कॉमर्स सेवा “Amazon Now” को भी तेजी से विस्तार दिया है, जो अब बड़े शहरों में 300 से ज्यादा माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर्स के जरिए काम कर रही है।

कंपनी के ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह के अनुसार, इस निवेश का सबसे बड़ा फोकस लोगों पर है। उनका कहना है कि कंपनी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देते हुए तेज और भरोसेमंद डिलीवरी सिस्टम तैयार करना चाहती है।
उदाहरण के तौर पर, आज ग्राहक तेजी से डिलीवरी की उम्मीद करते हैं—ऐसे में मजबूत लॉजिस्टिक्स और खुशहाल कर्मचारी ही इस लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, Amazon का यह कदम न सिर्फ कंपनी के विस्तार को गति देगा, बल्कि भारत में ई-कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को भी और तेज कर सकता है।
