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गेमिंग कंपनी GamesKraft पर ED का बड़ा एक्शन, तीनों फाउंडर गिरफ्तार; दिल्ली-NCR और कर्नाटक में छापेमारी
ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स से जुड़े कथित फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई, 17 ठिकानों पर रेड
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री की चर्चित कंपनी GamesKraft Technologies Ltd. एक बड़े कानूनी संकट में घिरती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के तीनों संस्थापकों को मनी लॉन्ड्रिंग और कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, ED ने कंपनी के फाउंडर्स दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने यह कार्रवाई कई FIRs और शिकायतों के आधार पर शुरू की थी, जिनमें ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर लोगों से धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, GamesKraft से जुड़े रम्मी आधारित ऐप्स जैसे RummyCulture और RummyTime को लेकर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ और कुछ मामलों में पीड़ितों द्वारा आत्महत्या तक किए जाने की बात भी सामने आई।
इसी सिलसिले में 7 मई को ED ने दिल्ली-NCR और कर्नाटक में कंपनी से जुड़े 17 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। रेड के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए। अधिकारियों का कहना है कि जांच में ऐसे कई वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल अभी जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, दीपक सिंह और पृथ्वी राज सिंह को NCR क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु कोर्ट में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। वहीं विकास तनेजा को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
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भारत में ऑनलाइन गेमिंग और रियल-मनी गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही रेगुलेशन और यूजर सुरक्षा को लेकर सवाल भी लगातार उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों के बाद सरकार ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर और सख्त नियम लागू कर सकती है।

हाल के वर्षों में कई राज्यों ने ऑनलाइन बेटिंग और रियल-मनी गेम्स को लेकर अलग-अलग कानून बनाए हैं। हालांकि, टेक्नोलॉजी के तेजी से बदलते स्वरूप के कारण कानून और जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं।
फिलहाल ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
