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“अभी रिटायर होने का इरादा नहीं”: किरण मजूमदार-शॉ ने उत्तराधिकारी को लेकर साफ किया रुख
बायोकॉन की चेयरपर्सन ने कहा—भांजी क्लेयर संभालेंगी कमान, लेकिन सही समय आने पर ही होगा बदलाव
भारत की बायोटेक इंडस्ट्री की दिग्गज उद्यमी Kiran Mazumdar-Shaw ने हाल ही में अपनी कंपनी के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि फिलहाल वह पद छोड़ने वाली नहीं हैं, हालांकि उन्होंने अपनी भांजी को भविष्य का उत्तराधिकारी जरूर चुना है।
Biocon की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ ने सोशल मीडिया पर कहा कि क्लेयर मजूमदार को कंपनी की अगली लीडर के रूप में तैयार किया जा रहा है, लेकिन यह बदलाव जल्दबाज़ी में नहीं होगा। उनका साफ कहना है—“मैं अभी अपने बूट्स टांगने वाली नहीं हूं।”
दरअसल, हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि बायोकॉन की कमान जल्द ही नई पीढ़ी को सौंपी जा सकती है। इस पर स्पष्टता देते हुए शॉ ने कहा कि कंपनी को सही हाथों में सौंपना उनकी जिम्मेदारी है और इसके लिए सही समय का इंतजार किया जाएगा।
क्लेयर मजूमदार, जो फिलहाल Bicara Therapeutics की CEO हैं, बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मजबूत अनुभव रखती हैं। उन्होंने Massachusetts Institute of Technology से इंजीनियरिंग, और Stanford University से MBA और पीएचडी की पढ़ाई की है। यही वजह है कि शॉ को विश्वास है कि क्लेयर भविष्य में कंपनी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं।
अगर इसे एक सामान्य उदाहरण से समझें, तो यह वैसा ही है जैसे कोई अनुभवी कप्तान अपनी टीम के अगले कप्तान को धीरे-धीरे तैयार करता है, लेकिन खुद मैदान छोड़ने की जल्दबाज़ी नहीं करता। शॉ भी अभी कंपनी को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं।

1978 में शुरू हुई बायोकॉन आज भारत की सबसे बड़ी बायोटेक कंपनियों में से एक बन चुकी है। चार दशक से अधिक के सफर के बाद अब कंपनी एक नए दौर में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है, जहां अनुभव और नई सोच का संतुलन अहम होगा।
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यह साफ है कि आने वाले समय में बायोकॉन में नेतृत्व परिवर्तन जरूर होगा, लेकिन फिलहाल किरण मजूमदार-शॉ खुद इसकी कमान संभाले रहेंगी और सही समय पर ही अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
