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US-Iran तनाव थमा नहीं! इज़राइल को भारी हथियार भेजे, Hormuz पर ईरान की पकड़ बरकरार
सीजफायर के बावजूद हालात नाजुक, Donald Trump ने फिर दी टकराव की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भले ही आधिकारिक तौर पर “कम” बताया जा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही संकेत दे रही है। दो महीने से चल रहे इस संघर्ष के बीच जहां एक ओर सीजफायर लागू है, वहीं दूसरी ओर सैन्य गतिविधियां अभी भी जारी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने इज़राइल को करीब 6,500 टन हथियार (munitions) भेजे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। इस बीच, ईरान ने Strait of Hormuz पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है।
सीजफायर के बावजूद टकराव क्यों?
Donald Trump प्रशासन का कहना है कि अप्रैल की शुरुआत में हुए सीजफायर के बाद युद्ध “खत्म” हो चुका है, इसलिए कांग्रेस की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।
लेकिन दूसरी तरफ, United States Navy अभी भी ईरान के आसपास नाकेबंदी बनाए हुए है। ईरान ने इसे “सैन्य कार्रवाई का विस्तार” बताया है और इसे अस्वीकार्य कहा है।
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Hormuz पर क्यों टिकी हैं नजरें?
Hormuz जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां से गुजरने वाले तेल पर कई देशों की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकता है।
हालात अभी भी संवेदनशील
- तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिविटी की खबरें
- दक्षिणी लेबनान में इज़राइली हमले
- सीजफायर के बावजूद बढ़ती अनिश्चितता
ये सभी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

क्या फिर भड़क सकता है युद्ध?
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है। उनका कहना है कि आर्थिक दबाव के जरिए ईरान को बातचीत की मेज पर लाया जाएगा।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष फिलहाल “रुका हुआ” जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हुआ। किसी भी छोटी घटना से हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
दुनिया की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिकी हैं, क्योंकि यहां की हलचल का असर सीधे वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है।
