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Economy

भारत फिसला, ब्रिटेन आगे निकला! दुनिया की 6वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना देश

मजबूत ग्रोथ के बावजूद रैंकिंग में गिरावट—जानिए आखिर क्यों पीछे हुआ भारत

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मजबूत ग्रोथ के बावजूद भारत की वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में गिरावट

एक तरफ जहां भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर ग्लोबल रैंकिंग में एक झटका देखने को मिला है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और इस सूची में यूनाइटेड किंगडम ने उसे पीछे छोड़ दिया है।

अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का GDP करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर रहने की उम्मीद है, जबकि UK का GDP लगभग 4.26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यानी मामूली अंतर से ही सही, लेकिन भारत एक पायदान नीचे खिसक गया है।

हालांकि यह गिरावट भारत की आर्थिक सेहत को लेकर चिंता का संकेत नहीं मानी जा रही। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल ही में भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। वहीं घरेलू एजेंसियां वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7.4% की मजबूत ग्रोथ का अनुमान लगा रही हैं।

तो फिर सवाल उठता है—जब अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, तो रैंकिंग क्यों गिरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी दो बड़ी वजहें हैं। पहली, GDP के आकलन के लिए बेस ईयर (आधार वर्ष) में हालिया बदलाव, जिससे भारत के नॉमिनल GDP के आंकड़े थोड़े कम हो गए। दूसरी बड़ी वजह है रुपये की कमजोरी, जिसने डॉलर के मुकाबले भारत की अर्थव्यवस्था के आकार को प्रभावित किया।

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सरल शब्दों में समझें तो, भारत की असली आर्थिक ताकत में कमी नहीं आई है, बल्कि वैश्विक तुलना के पैमाने में बदलाव हुआ है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई छात्र 90% से 88% पर आ जाए लेकिन बाकी छात्र उससे ज्यादा स्कोर कर लें, तो उसकी रैंक गिर सकती है—ठीक वैसा ही कुछ भारत के साथ हुआ है।

आने वाले वर्षों में भारत के फिर से टॉप 5 में लौटने की पूरी संभावना जताई जा रही है। तेज़ी से बढ़ता डिजिटल सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश इस दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं।

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