Politics
“विदेश घूमना बंद नहीं, फिजूल खर्च रोकिए”: पीएम मोदी की अपील पर बोले पीयूष गोयल
मिडिल ईस्ट संकट और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने ‘जिम्मेदार खर्च’ पर दिया जोर, पीयूष गोयल ने कहा— बिजनेस के लिए दुनिया घूमिए, लेकिन सोच-समझकर खर्च कीजिए।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष जहां इसे सरकार की आर्थिक विफलता बता रहा है, वहीं अब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस मुद्दे पर खुलकर सरकार का पक्ष रखा है।
पीयूष गोयल ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से बिजनेस ट्रैवल रोकने के लिए नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मकसद केवल “फिजूल और गैर-जरूरी खर्च” को कम करने का संदेश देना था, ताकि देश की विदेशी मुद्रा बचाई जा सके और आर्थिक स्थिरता मजबूत बनी रहे।
गोयल ने कहा,
“अगर आप बिजनेस के लिए दुनिया भर में यात्रा करते हैं, निवेश लाते हैं और विदेशी मुद्रा कमाते हैं, तो यह देश के लिए फायदेमंद है। प्रधानमंत्री ने सिर्फ लग्जरी और अनावश्यक खर्चों में संयम बरतने की बात कही है।”
दरअसल, पीएम मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे महंगे आयोजनों पर पुनर्विचार करने की अपील की थी। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों, मेट्रो, कारपूलिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसी आदतों को फिर से अपनाने पर भी जोर दिया।
सरकार का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और युद्ध जैसी परिस्थितियां भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। ऐसे में नागरिकों की छोटी-छोटी बचत भी बड़े स्तर पर अर्थव्यवस्था को राहत दे सकती है।
और भी पढ़ें : “मेरे साथ आ जाओ Revanth ji” PM Modi का करारा जवाब, Telangana की माँग पर कह दी बड़ी बात
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि कोई भी देश “अंदर बंद होकर” विकसित नहीं बन सकता। भारत को दुनिया के साथ व्यापार बढ़ाना होगा, नए निवेश आकर्षित करने होंगे और अपने उद्योगों को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना होगा।

हालांकि विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता पर जिम्मेदारी डालने के बजाय सरकार को खुद आर्थिक हालात सुधारने चाहिए। कांग्रेस ने इसे “सरकार की नाकामी छिपाने की कोशिश” बताया है।
इसी बीच उद्योग जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत ऊर्जा बचत, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट कंजम्प्शन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है, तो भविष्य में वैश्विक संकटों का असर कम किया जा सकता है।
