Economy
भारत बढ़ाएगा LPG स्टोरेज! West Asia संकट के बीच सरकार और BPCL ने तेज की तैयारी
BPCL चेयरमैन संजय खन्ना बोले – देश को चाहिए ज्यादा LPG भंडारण क्षमता, अगले 6 महीनों में तैयार हो सकती है नई योजना।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव के बीच भारत अब अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने देश में LPG यानी रसोई गैस स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
BPCL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने कहा कि भारत को मौजूदा समय में अधिक LPG स्टोरेज की आवश्यकता है और इसके लिए कई विकल्पों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग हितधारकों के साथ बातचीत चल रही है और अगले छह महीनों में इस दिशा में एक ठोस योजना सामने आ सकती है।
क्यों बढ़ी चिंता?
दरअसल, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। देश की लगभग 60% LPG जरूरतें विदेशों से पूरी होती हैं। वहीं कच्चे तेल का करीब 90% हिस्सा भी आयात किया जाता है। ऐसे में अगर वैश्विक संकट या युद्ध की स्थिति बनती है, तो सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।
हाल के महीनों में West Asia में बढ़ते तनाव ने भारत समेत कई देशों को ऊर्जा सुरक्षा पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
LPG स्टोरेज में भारत कितना पीछे?
S&P Global की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास फिलहाल केवल 22 दिनों की LPG मांग के बराबर स्टोरेज क्षमता है। तुलना करें तो कच्चे तेल के लिए यह क्षमता लगभग 74 दिन और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के लिए करीब 60 दिन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश के लिए LPG स्टोरेज अभी भी काफी कम है। खासतौर पर तब, जब घरेलू गैस कनेक्शन गांवों और छोटे शहरों तक तेजी से पहुंच रहे हैं।
क्या हो सकता है नया प्लान?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि सरकार अब केवल तेल ही नहीं, बल्कि LPG, प्राकृतिक गैस, बैटरी स्टोरेज और बिजली भंडारण को एक साथ जोड़कर लंबी अवधि की नीति बना सकती है।
और भी पढ़ें : 8th Pay Commission: 6 महीनों में क्या बदला? लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी तैयारी शुरू
S&P Global की एनर्जी एक्सपर्ट गौरी जौहर ने कहा कि भारत को “टुकड़ों में” नहीं बल्कि एकीकृत ऊर्जा स्टोरेज सिस्टम पर काम करना होगा। उनका मानना है कि मौजूदा वैश्विक संकट भारत के लिए तेज बदलाव का मौका बन सकता है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर देश की LPG स्टोरेज क्षमता बढ़ती है, तो भविष्य में सप्लाई बाधित होने की स्थिति में भी घरेलू गैस की उपलब्धता बेहतर बनी रह सकती है। साथ ही अचानक कीमतों में भारी उछाल के जोखिम को भी कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऊर्जा सुरक्षा अब केवल सरकार का मुद्दा नहीं, बल्कि हर घर की जरूरत बन चुकी है।
