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PM modi की बचत अपील पर भड़के akhilesh yadav, बोले- चुनाव खत्म होते ही सरकार को याद आया ‘संकट’
ईंधन बचाने, सोना खरीद टालने और विदेशी यात्रा कम करने की अपील पर सपा प्रमुख का हमला, कहा- यह सरकार की नाकामी का संकेत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई बचत और संयम की अपील अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह अपील दरअसल सरकार की आर्थिक और विदेश नीति की विफलता को दर्शाती है।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को अचानक “संकट” याद आ गया। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि देश के सामने सबसे बड़ा संकट खुद बीजेपी है।
क्या कहा था प्रधानमंत्री मोदी ने?
तेलंगाना में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, जरूरत न हो तो विदेशी यात्राएं टालने और फिलहाल सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। उन्होंने मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात भी कही थी।
प्रधानमंत्री ने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस समय वर्क फ्रॉम होम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अपनाई गई थी, वैसे ही अब भी इन तरीकों को फिर से अपनाने की जरूरत है ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने खाने के तेल की खपत कम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार की अपील पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इतनी पाबंदियां लगाई जा रही हैं तो फिर देश पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था कैसे बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का आर्थिक प्रबंधन पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुका है।
सपा प्रमुख ने कहा कि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है जबकि भारतीय रुपया कमजोर होता जा रहा है। उनके मुताबिक इससे साफ है कि सरकार अर्थव्यवस्था संभालने में असफल रही है।
‘सोना न खरीदने की सलाह जनता को क्यों?’
अखिलेश यादव ने सरकार की सोना खरीद टालने वाली अपील पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आम लोग तो वैसे भी मुश्किल से थोड़ा बहुत सोना खरीद पाते हैं। ऐसी सलाह जनता को नहीं बल्कि भ्रष्ट नेताओं को दी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता काले धन को सोने में बदलने का काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि अगर जांच हो तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
चुनाव के बाद ही क्यों आई बचत की याद?
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने हजारों चार्टर्ड फ्लाइट्स का इस्तेमाल किया, महंगे होटलों में ठहरे और बड़े स्तर पर प्रचार अभियान चलाए। तब बचत की बात क्यों नहीं की गई?
उन्होंने कहा कि अगर सरकार को सच में खर्च कम करना था तो चुनाव प्रचार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी किया जा सकता था।

बाजार और कारोबार पर असर की आशंका
अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि इस तरह की सरकारी अपीलों से बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों, निवेशकों और आम लोगों के बीच मंदी और महंगाई का डर पैदा होगा।
उनके मुताबिक सरकार का काम लोगों में विश्वास पैदा करना है, न कि भय का माहौल बनाना।
विदेश नीति पर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने मौजूदा हालात के लिए केंद्र की विदेश नीति को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपनी पुरानी गुटनिरपेक्ष नीति से दूरी बना ली है, जिसका असर अब देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक सुस्ती का बोझ अब किसान, मजदूर, युवा, नौकरीपेशा और व्यापारी सभी उठा रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। जहां बीजेपी इसे देशहित में जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की विफलता का संकेत मान रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और गर्मा सकता है।
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