Politics
15 साल बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन: Suvendu Adhikari ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, BJP समर्थकों में जश्न
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य समारोह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। करीब 15 वर्षों तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस की सरकार को पीछे छोड़ते हुए BJP ने इस बार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है।
कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
294 सदस्यीय विधानसभा में BJP ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाई है। चुनाव परिणामों के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल था, जो शपथ ग्रहण समारोह में साफ दिखाई दिया।
समारोह में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों के अलावा झारखंड और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी हजारों समर्थक कोलकाता पहुंचे। ब्रिगेड ग्राउंड भगवा झंडों और “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा। कई समर्थक इसे “बंगाल में नए राजनीतिक युग की शुरुआत” बता रहे थे।
कार्यक्रम में बंगाल की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। मंच के आसपास छऊ नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। मंच की सजावट में दक्षिणेश्वर मंदिर, मां दुर्गा और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रतीकों को खास जगह दी गई।
और भी पढ़ें : कौन हैं राजेंद्र अर्लेकर? तमिलनाडु की सियासी जंग में क्यों चर्चा में हैं राज्यपाल
एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला जब समारोह में पहुंचे समर्थकों के बीच ‘झालमुड़ी’ बांटी गई। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा झालमुड़ी खाने का वीडियो काफी वायरल हुआ था, जिसके बाद यह स्नैक BJP समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

सुवेंदु अधिकारी पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। उन्होंने इस चुनाव में अपनी सीट बरकरार रखते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को भी कड़ी चुनौती दी। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने राज्य में कानून व्यवस्था, उद्योग, रोजगार और राजनीतिक स्थिरता जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में BJP की यह जीत राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का संकेत माना जा रहा है।
