Economy
मार्च में इंडस्ट्रियल ग्रोथ धीमी, IIP 4.1% पर; ईरान युद्ध का असर, फिर भी अनुमान से बेहतर
मैन्युफैक्चरिंग और बिजली उत्पादन में गिरावट, लेकिन माइनिंग सेक्टर ने दिया सहारा
भारत की औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार मार्च में कुछ धीमी पड़ती नजर आई। Index of Industrial Production (IIP) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 4.1% रही, जो फरवरी के 5.2% के मुकाबले कम है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि यह आंकड़ा बाजार के अनुमान (2.7%) से बेहतर रहा।
किन सेक्टरों ने डाला असर?
मार्च के आंकड़ों में सबसे ज्यादा दबाव इन सेक्टरों में देखा गया:
- मैन्युफैक्चरिंग: ग्रोथ 5.9% से घटकर 4.3%
- बिजली उत्पादन: 2.3% से गिरकर 0.8%
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात, खासकर US-Iran conflict के चलते ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आई, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा।
माइनिंग सेक्टर बना सहारा
जहां कुछ सेक्टर कमजोर रहे, वहीं माइनिंग सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया:
- ग्रोथ 3.1% से बढ़कर 5.5%
कोयले की मांग बढ़ने से इस सेक्टर को मजबूती मिली, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि:

वैश्विक अस्थिरता का असर भारत के औद्योगिक उत्पादन पर पड़ रहा है- लेकिन घरेलू मांग और कुछ सेक्टर अभी भी मजबूती बनाए हुए हैं
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात स्थिर होते हैं और ऊर्जा सप्लाई सुधरती है, तो आने वाले महीनों में औद्योगिक ग्रोथ फिर से तेज हो सकती है।
