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Paytm Payments Bank बंद होने की राह पर, RBI के फैसले के बाद बोर्ड ने दी मंजूरी
बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद विंडिंग-अप प्रक्रिया शुरू, UPI और QR पेमेंट सेवाएं रहेंगी जारी
डिजिटल पेमेंट सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Reserve Bank of India (RBI) द्वारा लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद Paytm Payments Bank Ltd के बोर्ड और शेयरहोल्डर्स ने बैंक को बंद (winding-up) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, 25 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। यह प्रक्रिया RBI के निर्देशों के अनुसार या उसकी अनुमति से स्वेच्छा से पूरी की जाएगी।
क्यों रद्द हुआ लाइसेंस?
RBI का यह कदम अचानक नहीं आया। पिछले कुछ सालों से बैंक और नियामक के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे।
- 2022 में नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई
- 2024 में खातों में नए डिपॉजिट और टॉप-अप पर प्रतिबंध लगा
इन लगातार सख्त कदमों के बाद आखिरकार 24 अप्रैल 2026 से बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?
सबसे बड़ा सवाल ग्राहकों के पैसों को लेकर है। RBI ने साफ किया है कि बैंक के पास पर्याप्त फंड मौजूद है, जिससे वह अपने सभी ग्राहकों की जमा राशि लौटा सकता है।
ग्राहक अपने मौजूदा बैलेंस को निकाल सकते हैं, लेकिन अब कोई नया पैसा जमा नहीं किया जा सकेगा।
क्या Paytm ऐप बंद हो जाएगा?
इस फैसले के बावजूद One 97 Communications Limited के तहत चलने वाली Paytm की कई सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
RBI और NPCI की अनुमति के तहत:
- Paytm UPI
- QR कोड पेमेंट
- Soundbox
- कार्ड मशीन
- पेमेंट गेटवे
ये सभी सेवाएं बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी, क्योंकि अब ये अन्य पार्टनर बैंकों के जरिए संचालित होंगी।

कंपनी पर क्या असर?
Paytm की पैरेंट कंपनी ने पहले ही साफ कर दिया है कि उसका PPBL में कोई वित्तीय जोखिम नहीं है, क्योंकि उसने अपनी निवेश राशि को पहले ही शून्य (write-off) कर दिया था।
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आगे क्या होगा?
अब RBI उच्च न्यायालय में औपचारिक रूप से बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद Paytm Payments Bank पूरी तरह से अस्तित्व में नहीं रहेगा।
यह पूरा घटनाक्रम डिजिटल बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है कि नियमों का पालन और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, वरना बड़े प्लेटफॉर्म भी मुश्किल में आ सकते हैं।
