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AAP में बड़ा सियासी उलटफेर: Raghav Chadha की जगह आए Ashok Mittal भी BJP में शामिल
राज्यसभा में 2/3 सांसदों के ‘मर्जर’ का दावा, केजरीवाल की पार्टी में मचा हड़कंप
नई दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब राज्यसभा सांसद Ashok Mittal ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। दिलचस्प बात यह है कि अशोक मित्तल वही सांसद हैं जिन्होंने कभी Raghav Chadha की जगह राज्यसभा में प्रवेश किया था।
यह बड़ा ऐलान खुद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने दावा किया कि AAP के राज्यसभा में मौजूद 2/3 से ज्यादा सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है और इसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत “मर्जर” बताया जा रहा है।
चड्ढा ने कहा कि यह फैसला राजनीतिक असहमति और “सकारात्मक राजनीति” की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास दो ही रास्ते थे—या तो राजनीति छोड़ दें या फिर नए तरीके से आगे बढ़ें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी मौजूद थे। संदीप पाठक, जो पहले एक IIT प्रोफेसर रह चुके हैं, भी इस राजनीतिक बदलाव का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
चड्ढा ने आगे दावा किया कि कुल 10 AAP सांसदों में से अधिकतर इस फैसले के समर्थन में हैं। उन्होंने हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम सहनी और राजेंद्र गुप्ता जैसे नामों का भी जिक्र किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली और पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इस घटनाक्रम को “ऑपरेशन लोटस” का हिस्सा बताया और केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

वहीं AAP नेता संजय सिंह ने भी आरोप लगाया कि बीजेपी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की कार्रवाई भी चर्चा में रही थी, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई थी।
AAP की ओर से लगाए गए आरोपों और बीजेपी में शामिल होने की खबरों ने एक बार फिर देश की राजनीति में “दल-बदल” की बहस को हवा दे दी है।
अब सवाल यह है कि क्या यह सच में संवैधानिक “मर्जर” है या फिर भारतीय राजनीति का एक और बड़ा पाला बदल?
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