Politics
Governor ने हटाया था Minister पद से, अब बने Bihar के CM Samrat Choudhary की अविश्वसनीय Political Journey
1999 में Rabri Devi की Cabinet से हुई थी बेइज़्ज़ती, BJP join किए 9 साल में बन गए Chief Minister — Samrat Choudhary की कहानी है किसी फिल्म से कम नहीं
राजनीति में कहते हैं — धैर्य रखो, वक्त सब बदल देता है। Bihar के नए Chief Minister Samrat Choudhary की ज़िंदगी इस कहावत की जीती-जागती मिसाल है।
करीब तीन दशक पहले जिस नेता को Governor ने minister पद से हटा दिया था — वही आज Bihar की सत्ता की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठे हैं। यह सफर सीधा नहीं था — उतार-चढ़ाव, बदलती loyalties, party बदलना और फिर एक नई शुरुआत — यह सब मिलकर बनी है Samrat Choudhary की political story।
1999 — जब पहली बार चमके और फिर हटाए गए
57 वर्षीय Samrat Choudhary — जो पहले Rakesh Kumar के नाम से जाने जाते थे — पहली बार 1999 में सुर्खियों में आए। तत्कालीन Bihar CM Rabri Devi ने उन्हें अपनी cabinet में शामिल किया। यह cabinet berth दरअसल उनके माता-पिता — Samata Party के MP Shakuni और MLA Parvati Devi — की RJD के प्रति बदली loyalty का “इनाम” माना गया।
लेकिन खुशी ज़्यादा देर नहीं टिकी। Raj Bhavan में शिकायत पहुँची कि Choudhary उस वक्त state legislature के member नहीं थे और उनकी उम्र भी required age पूरी नहीं करती। इसके बाद तत्कालीन Governor ने उन्हें minister पद से हटा दिया।
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BJP में आए — और 9 साल में लिख दी नई कहानी
उस झटके के बाद Samrat Choudhary ने हार नहीं मानी। BJP join करने के बाद उनका rise meteoric रहा। Party में उनकी पकड़ मज़बूत होती गई, और 9 साल में वो BJP के Bihar के पहले Chief Minister बन गए।

यह सिर्फ एक political appointment नहीं है — यह एक ऐसे इंसान की जीत है जिसे एक वक्त publicly हटाया गया था, लेकिन जिसने उसी मैदान में वापस आकर सबसे बड़ा मुकाम हासिल किया।
Bihar की राजनीति के लिए Samrat Choudhary का यह सफर एक नया अध्याय है — और अब सबकी नज़रें हैं कि वो CM के तौर पर क्या करते हैं।
