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131st Amendment Bill गिरने के बाद BJP का Opposition पर हमला, कहा ’70 करोड़ महिलाओं के साथ गद्दारी’
Rahul Gandhi बोले ‘India ने रोका’, BJP ने कहा ‘2029 में लाएंगे आरक्षण’, पहली बार Modi सरकार का Constitutional Amendment हुआ फेल
Constitution (131st Amendment) Bill, 2026 के Lok Sabha में गिरते ही देश की राजनीति में भूचाल आ गया। एक तरफ BJP ने Opposition पर जमकर हमला बोला, तो दूसरी तरफ Opposition ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया। PM Narendra Modi की 12 साल की सरकार में पहली बार कोई Constitutional Amendment Bill इस तरह गिरा है।
BJP का आरोप: ’70 करोड़ महिलाओं से विश्वासघात’
BJP ने Opposition पर निशाना साधते हुए इसे “grave betrayal” यानी घोर विश्वासघात करार दिया। एक BJP नेता ने X पर लिखा, “देश की आधी आबादी यानी 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देकर कोई जीत का जश्न कैसे मना सकता है? यह जश्न हर उस महिला का अपमान है जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है।”
उन्होंने यह भी कहा, “देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते में कौन रोड़ा है। चुनाव में मातृशक्ति हिसाब मांगेगी और तब बचकर निकलने का रास्ता नहीं मिलेगा।”
Union Minister Pralhad Joshi ने कहा, “आज पूरे देश ने देख लिया कि कौन महिला आरक्षण के पक्ष में है और कौन विरोध में। Congress Party की वजह से देश ने एक ऐतिहासिक मौका गंवाया। जनता Congress को सबक सिखाएगी।”
BJP MP Tejasvi Surya ने इसे “लोकतंत्र के लिए बहुत दुखद दिन” बताया और कहा कि Congress ने “एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया।”
Jagdambika Pal ने कहा, “आज Opposition का चेहरा बेनकाब हो गया। Modi सरकार 2034 की जगह 2029 में महिला आरक्षण लाना चाहती थी, तो विरोध किस बात का था? इन्होंने कभी महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहा।”
BJP president Nitin Nabin ने भी हमला तेज करते हुए कहा कि यह दिन “सोने के अक्षरों में लिखा जा सकता था” लेकिन Congress और उसके सहयोगियों की “घोर विश्वासघात” की वजह से ऐसा नहीं हो सका।
Rahul Gandhi का पलटवार: ‘India ने संविधान की रक्षा की’

Leader of Opposition Rahul Gandhi ने इस हार को Congress की जीत बताया। उन्होंने X पर लिखा, “Amendment Bill गिर गया। महिलाओं के नाम पर संविधान तोड़ने की असंवैधानिक चाल चली गई थी। INDIA ने उसे रोक दिया। संविधान की जय।”
एक अन्य post में Rahul ने कहा, “यह Women’s Reservation Bill नहीं था। इसका महिलाओं से कोई लेना-देना नहीं था। यह bill OBC विरोधी था, SC-ST विरोधी था, South, North-East, North-West और छोटे राज्यों के खिलाफ था। हम न किसी का हक छीनने देंगे, न देश को बंटने देंगे।”
Telangana के Chief Minister Revanth Reddy ने इसे “Red-letter Day” करार दिया और Rahul Gandhi तथा Mallikarjun Kharge की तारीफ की जिन्होंने INDIA bloc को एकजुट कर एक “राष्ट्रीय आपदा” रोकी।
आगे क्या?
इस bill के गिरने से Delimitation का process भी रुक गया है, जो सरकार और Opposition के बीच बड़ा टकराव बिंदु था। BJP का कहना है कि वे 2029 में महिला आरक्षण लेकर आएंगे। Opposition की मांग है कि पहले OBC census data आए, Delimitation की method तय हो और Southern states के हितों की रक्षा हो, उसके बाद ही कोई कदम उठाया जाए।
यह विवाद 2029 के चुनावों तक गर्म रहने वाला है और 70 करोड़ महिलाओं के अधिकार का यह सवाल अब चुनावी मुद्दा बन चुका है।
