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ईरान ने Strait of Hormuz पर लागू किए नए नियम, अब जहाजों को देना होगा टोल और परमिट
Strait of Hormuz पर बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने जहाजों के लिए परमिट और टोल सिस्टम किया लागू, भारत-पाकिस्तान समेत कई देशों की बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर अपनी पकड़ और मजबूत कर दी है। अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से विशेष अनुमति लेनी होगी और टोल शुल्क भी देना पड़ सकता है।
नई रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान ने जहाजों की आवाजाही के लिए एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत हर जहाज को पहले से transit authorisation लेना अनिवार्य होगा।
क्या है ईरान का नया सिस्टम?
शिपिंग इंडस्ट्री जर्नल Lloyd’s List के अनुसार, ईरान की Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने एक नया ढांचा तैयार किया है। इसके तहत:
- जहाजों को यात्रा से पहले अनुमति लेनी होगी
- टोल शुल्क देना पड़ सकता है
- और विस्तृत जानकारी साझा करनी होगी
रिपोर्ट के अनुसार जहाजों को “Vessel Information Declaration” नाम का फॉर्म भरना होगा।
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फॉर्म में मांगी जा रही है ये जानकारी
बताया जा रहा है कि इस फॉर्म में 40 से ज्यादा सवाल पूछे गए हैं। जहाजों को बताना होगा:
- जहाज का नाम
- पहचान संख्या
- पहले का नाम (अगर बदला गया हो)
- मालिक और चालक दल की राष्ट्रीयता
- बीमा विवरण
- माल (cargo) की जानकारी
- यात्रा का पूरा रूट
यानि अब Strait of Hormuz से गुजरना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।

क्यों अहम है यह समुद्री रास्ता?
Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम तेल व्यापार मार्ग माना जाता है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।
भारत जैसे देशों के लिए यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- बड़ी मात्रा में कच्चा तेल
- LNG
- और LPG सप्लाई
इसी समुद्री रास्ते से होकर आती है।
अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ सकती है।
अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर सख्ती
ईरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि वह अमेरिका या इजरायल से जुड़े जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं देगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ देशों को केवल ईरान की सहमति के बाद ही रास्ता मिल सकता है। भारत और पाकिस्तान उन देशों में शामिल बताए जा रहे हैं जिन्होंने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तेहरान से बातचीत की है।
Press TV ने भी किया दावा
ईरानी चैनल Press TV ने दावा किया है कि तेहरान ने Strait of Hormuz पर “सॉवरेनिटी सिस्टम” तैयार कर लिया है। चैनल के मुताबिक इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईमेल के जरिए नए नियम भेजे जा रहे हैं।
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वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान का यह नया सिस्टम लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
शिपिंग कंपनियों के लिए:
- लागत बढ़ सकती है
- देरी हो सकती है
- और बीमा खर्च भी महंगा हो सकता है
इसके अलावा तेल की कीमतों में और तेजी आने की आशंका भी बढ़ गई है।
दुनिया की नजर अब आगे की स्थिति पर
अमेरिका लगातार इस समुद्री मार्ग को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान का यह कदम दिखाता है कि तेहरान अब Strait of Hormuz पर अपना प्रभाव और मजबूत करना चाहता है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा केंद्र बन सकता है।
