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क्रूज़ शिप पर फैला खतरनाक हंतावायरस, भारतीय क्रू मेंबर भी जहाज पर मौजूद, 3 लोगों की मौत से बढ़ी चिंता
MV Hondius क्रूज़ शिप पर हंतावायरस के 5 मामले सामने आने के बाद दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जहाज पर मौजूद दो भारतीय क्रू मेंबर्स को लेकर भारत में भी चिंता बढ़ गई है।
दुनियाभर में एक बार फिर वायरस को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। इस बार मामला किसी नए कोविड जैसे संक्रमण का नहीं, बल्कि हंतावायरस का है, जिसने एक लग्जरी क्रूज़ शिप पर हड़कंप मचा दिया है। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि इस जहाज पर दो भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डच एक्सपेडिशन क्रूज़ शिप MV Hondius पर अब तक हंतावायरस के 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। यह जहाज अर्जेंटीना के उशुआया से 1 अप्रैल को रवाना हुआ था और 10 मई को स्पेन के कैनरी आइलैंड्स पहुंचने वाला है।
जहाज पर सवार थे कई देशों के लोग
बताया जा रहा है कि इस क्रूज़ शिप पर शुरुआत में करीब 150 यात्री और क्रू सदस्य मौजूद थे, जो 28 अलग-अलग देशों से थे। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, कनाडा और फिलीपींस के लोग शामिल थे। इसी सूची में दो भारतीय क्रू मेंबर्स का नाम भी सामने आया है।
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हालांकि फिलहाल भारतीय नागरिकों के संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जहाज पर वायरस फैलने के बाद सभी यात्रियों और स्टाफ की निगरानी बढ़ा दी गई है।
कैसे फैला हंतावायरस?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इस जहाज पर पाए गए वायरस को Andes strain कहा जा रहा है। यह हंतावायरस का ऐसा प्रकार है जिसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की संभावना देखी गई है।
यही वजह है कि स्वास्थ्य एजेंसियां अब उन यात्रियों का भी पता लगा रही हैं जो यात्रा के दौरान जहाज से उतर चुके हैं। विशेषज्ञ यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि संक्रमण जहाज पर फैला या लोग पहले से संक्रमित थे।
WHO ने कहा — “यह कोविड नहीं है”
WHO की संक्रामक रोग विशेषज्ञ मारिया वैन केरखोव ने साफ कहा है कि इस वायरस को कोविड-19 की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक हंतावायरस का फैलने का तरीका पूरी तरह अलग है और फिलहाल इसे महामारी जैसा खतरा नहीं माना जा रहा।

उन्होंने कहा कि जहाज पर लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है और संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वालों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल करने को कहा गया है।
मौतों ने बढ़ाई चिंता
संक्रमण की पुष्टि होने के बाद एक 69 वर्षीय डच महिला की मौत हो गई। वहीं उनके पति और एक जर्मन यात्री की भी जान चली गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति की मौत जहाज पर ही हुई थी।
इन घटनाओं के बाद जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच डर का माहौल बन गया। कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अब इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
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क्या भारत के लिए खतरा है?
फिलहाल WHO ने कहा है कि आम लोगों के लिए जोखिम कम है। लेकिन जहाज पर भारतीय क्रू मेंबर्स की मौजूदगी के कारण भारत में भी इस खबर को गंभीरता से देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और संक्रमण के मामलों पर नजर रखना जरूरी है।
कोविड महामारी के बाद दुनिया अब किसी भी नए वायरस को लेकर ज्यादा सतर्क हो चुकी है। ऐसे में MV Hondius पर फैला हंतावायरस आने वाले दिनों में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए एक बड़ी जांच का विषय बना रह सकता है।
