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मिडिल ईस्ट युद्ध का समुद्र पर असर, दक्षिण अफ्रीका के पास व्हेल मछलियों पर बढ़ा खतरा
Red Sea और Suez Canal से जहाजों का रास्ता बदलने के बाद व्हेल और बड़े जहाजों की टक्कर का जोखिम बढ़ा, नई स्टडी में खुलासा
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब सिर्फ जमीन और राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर समुद्री जीवों पर भी दिखाई देने लगा है। एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि Middle East conflicts के कारण जहाजों के रास्ते बदलने से दक्षिण अफ्रीका के पास रहने वाली व्हेल मछलियों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार Red Sea और Suez Canal में बढ़ते तनाव के चलते कई अंतरराष्ट्रीय जहाज अब लंबा समुद्री रास्ता अपनाते हुए दक्षिण अफ्रीका के तट के पास से गुजर रहे हैं। इससे व्हेल और जहाजों की टक्कर (ship strikes) का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
क्यों बदल रहे हैं जहाजों के रास्ते?
2023 के आखिर से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा चिंताओं के कारण कई शिपिंग कंपनियों ने Red Sea के रास्ते से दूरी बनानी शुरू कर दी थी।
आमतौर पर यूरोप और एशिया के बीच व्यापारिक जहाज Suez Canal के जरिए यात्रा करते हैं, लेकिन अब कई जहाज अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से का लंबा समुद्री मार्ग अपना रहे हैं।
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इस बदलाव के कारण दक्षिण अफ्रीका के समुद्री इलाकों में जहाजों की आवाजाही काफी बढ़ गई है।
व्हेल के लिए क्यों बढ़ा खतरा?
दक्षिण अफ्रीका का दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाका दुनिया में व्हेल मछलियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में व्हेल प्रजनन और प्रवास के लिए आती हैं।
नई रिसर्च के मुताबिक अब यही क्षेत्र बड़े कार्गो जहाजों के लिए भी व्यस्त समुद्री मार्ग बनता जा रहा है। इस वजह से व्हेल और जहाजों के बीच टक्कर की संभावना काफी बढ़ गई है।
University of Pretoria की रिसर्चर Els Vermeulen ने कहा कि समुद्री मार्ग और व्हेल के रहने वाले क्षेत्र अब एक-दूसरे से काफी ज्यादा ओवरलैप कर रहे हैं।

टक्कर क्यों होती है खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार बड़े जहाजों से टक्कर व्हेल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। कई बार व्हेल जहाजों की आवाज सुनकर गहराई में चली जाती हैं, लेकिन हर बार ऐसा संभव नहीं होता।
WWF के व्हेल और डॉल्फिन संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े Chris Johnson ने बताया कि कुछ व्हेल जहाजों की आहट सुनकर नीचे चली जाती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता समुद्री ट्रैफिक उनके लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
पर्यावरणविदों की बढ़ी चिंता
इस रिसर्च को हाल ही में International Whaling Commission (IWC) की बैठक में भी प्रस्तुत किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर समुद्री ट्रैफिक इसी तरह बढ़ता रहा, तो व्हेल की कई प्रजातियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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विशेषज्ञ अब सरकारों और शिपिंग कंपनियों से अपील कर रहे हैं कि:
- जहाजों की स्पीड सीमित की जाए
- व्हेल वाले क्षेत्रों में विशेष समुद्री नियम लागू हों
- और वैकल्पिक सुरक्षित मार्गों पर विचार किया जाए
युद्ध का असर अब प्रकृति तक
मध्य पूर्व का संघर्ष पहले ही वैश्विक व्यापार, तेल बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। लेकिन अब इसका असर समुद्री जैव विविधता पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट समुद्री पर्यावरण के लिए लंबे समय तक नुकसानदायक साबित हो सकता है।
