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PM Modi ने देशवासियों से की अपील WFH अपनाओ, विदेश यात्रा टालो, सोना मत खरीदो

Iran युद्ध के कारण तेल की कीमतें आसमान पर, India के विदेशी मुद्रा भंडार पर मंडरा रहा खतरा — जानिए किन देशों ने क्या कदम उठाए

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PM Modi ने की WFH और विदेश यात्रा टालने की अपील — Iran संकट से तेल की आग | Dainik Diary
Prime Minister Narendra Modi ने Hyderabad में जनसभा के दौरान देशवासियों से ईंधन बचाने, WFH अपनाने और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। Iran संकट के चलते तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं। (फ़ाइल फ़ोटो)

New Delhi: जब से Iran और उसके पड़ोसी देशों के बीच तनाव चरम पर पहुँचा है, तब से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। इस संकट की आँच अब India तक भी पहुँच गई है। Prime Minister Narendra Modi ने Hyderabad में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से कुछ ऐसी अपीलें कीं, जो Covid-19 के दिनों की याद दिला गईं।

PM Modi ने क्या कहा?

PM Modi ने लोगों से Work From Home (WFH) अपनाने, विदेश यात्राएं टालने, सोने की खरीदारी कम करने और ईंधन का उपयोग सोच-समझकर करने की गुज़ारिश की। उन्होंने इसे देशभक्ति से जोड़ते हुए कहा —

“देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने में नहीं है। इन कठिन समय में, यह जिम्मेदारी से जीने और अपने रोज़मर्रा के जीवन में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाने में है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोने के आयात और विदेश यात्राओं में कमी करने से India की विदेशी मुद्रा (foreign exchange) की बचत होगी, जो इस वक्त बेहद ज़रूरी है।

आखिर क्यों आई यह नौबत?

India अपनी ज़रूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करता है। Iran ने Strait of Hormuz — वह संकरा समुद्री रास्ता जिससे दुनिया का पाँचवाँ हिस्से तेल गुज़रता है — को बंद कर दिया है। इससे India का कच्चे तेल का बिल अरबों डॉलर बढ़ गया है।

  • India का 50 प्रतिशत crude oil, 60 प्रतिशत LNG और लगभग पूरी LPG आपूर्ति इसी Hormuz से होकर आती है।
  • Brent crude सोमवार को $105.33 प्रति बैरल तक पहुँच गया — करीब 4 प्रतिशत की उछाल।
  • US West Texas Intermediate भी $99.85 प्रति बैरल पर था।

बढ़ती तेल कीमतों का सीधा असर India के trade deficit और current account deficit पर पड़ रहा है। Rupee भी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब है।

दूसरे देशों ने क्या किया?

India अकेला नहीं है। Asia के कई देश इस ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं और अपने-अपने तरीकों से बचाव की कोशिश कर रहे हैं।

🇵🇰 PakistanPrime Minister Shehbaz Sharif ने मार्च की शुरुआत में ऐलान किया कि सरकारी विभागों का ईंधन भत्ता दो महीनों के लिए 50 प्रतिशत काट दिया जाएगा। आधे सरकारी कर्मचारी घर से काम करेंगे। Pakistan पहले से ही आर्थिक संकट में है, इसलिए यह झटका उसके लिए और भी गहरा है।

🇱🇰 Sri Lanka — पड़ोसी देश Sri Lanka ने काम के हफ्ते को छोटा कर दिया है। स्कूल और विश्वविद्यालयों पर भी यही नियम लागू होगा और यह कब तक चलेगा, इसकी कोई समयसीमा नहीं दी गई।

🇹🇭 Thailand — Prime Minister Anutin Charnvirakul ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। विदेश यात्राएं रद्द कर दी गई हैं। यहाँ तक कि कर्मचारियों को लिफ्ट की जगह सीढ़ियाँ चढ़ने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, ताकि AC का खर्च कम हो।

PM Modi ने की WFH और विदेश यात्रा टालने की अपील — Iran संकट से तेल की आग | Dainik Diary


🇵🇭 Philippines — 9 मार्च से सरकारी कर्मचारी हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम पर जा रहे हैं। Emergency और frontline workers को इससे बाहर रखा गया है।

🇻🇳 Vietnam — सरकार ने लोगों से WFH अपनाने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने की अपील की है।

🇲🇲 Myanmar — मार्च में ही निजी वाहनों पर ड्राइविंग प्रतिबंध लगा दिए गए। लोग हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार पेट्रोल खरीद सकते हैं। सरकार को ईंधन की कमी का डर सता रहा है।

क्या यह उपाय काफी हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम तात्कालिक राहत तो दे सकते हैं, लेकिन जब तक Hormuz की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक दबाव बना रहेगा। India को अपनी ऊर्जा नीति पर लंबे समय के लिए सोचना होगा — renewable energy में निवेश और oil import diversification इसका स्थायी हल हो सकते हैं।

फिलहाल, PM Modi की अपील एक संदेश है कि देश की चुनौतियाँ सिर्फ सरकार की नहीं, हर नागरिक की ज़िम्मेदारी हैं।