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Trump ने फिर छेड़ा जन्मसिद्ध नागरिकता विवाद, भारत-चीन को लेकर शेयर किया विवादित बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेडियो होस्ट के विवादित बयान को किया रीपोस्ट, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर विवाद गरमा गया है। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump, जिन्होंने एक विवादित बयान को रीपोस्ट कर नया बवाल खड़ा कर दिया है।
दरअसल, ट्रंप ने अमेरिकी रेडियो होस्ट Michael Savage के पॉडकास्ट ‘Savage Nation’ का एक हिस्सा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर शेयर किया। इस पॉडकास्ट में भारत और चीन जैसे देशों के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराज़गी देखी जा रही है।
क्या है पूरा मामला
पॉडकास्ट में माइकल सैवेज ने अमेरिका की जन्मसिद्ध नागरिकता नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई लोग दूसरे देशों से अमेरिका आते हैं और अपने बच्चे को जन्म देकर उसे तुरंत अमेरिकी नागरिक बना देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सैवेज ने अपने बयान में भारत और चीन जैसे देशों को लेकर बेहद विवादित और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया। ट्रंप द्वारा इस बयान को शेयर करने के बाद यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।
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जन्मसिद्ध नागरिकता क्या है
अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता का नियम US Supreme Court के फैसलों और संविधान के 14वें संशोधन पर आधारित है। इसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा, चाहे उसके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों, स्वतः अमेरिकी नागरिक बन जाता है।
हालांकि, ट्रंप पहले भी इस कानून के खिलाफ अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि इस नियम में बदलाव होना चाहिए क्योंकि इससे “सिस्टम का गलत इस्तेमाल” होता है।
ट्रंप के पुराने बयान भी रहे विवादों में
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप के बयान अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बने हैं। इससे पहले भी वे प्रवासियों और अन्य देशों के लोगों को लेकर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं।
इस बार उन्होंने जिस बयान को रीपोस्ट किया है, उसमें भारत और चीन के लोगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे दोनों देशों के नागरिकों में नाराज़गी देखी जा रही है।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
जैसे ही यह पोस्ट सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई यूज़र्स ने इसे नस्लवादी और अपमानजनक बताया, जबकि कुछ लोगों ने ट्रंप के इस कदम का समर्थन भी किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान न केवल कूटनीतिक रिश्तों को प्रभावित करते हैं, बल्कि समाज में विभाजन भी बढ़ा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंध काफी मजबूत हुए हैं। ऐसे में इस तरह के विवादित बयान दोनों देशों के रिश्तों पर असर डाल सकते हैं।
हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अभी तक भारत सरकार की ओर से इस मामले पर कोई कड़ा बयान सामने नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुद्दे पर नजर रखी जा रही है।
आगे क्या
जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर अमेरिका में बहस पहले से ही चल रही है। ट्रंप के इस कदम के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस कानून में कोई बदलाव होता है या फिर यह केवल चुनावी राजनीति का हिस्सा बनकर रह जाता है।
