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60 दिन की डेडलाइन और नौकरी गई: अमेरिका में बसे NRI दंपत्ति ने भारत लौटने का लिया फैसला
Oracle की छंटनी का असर—वीज़ा नियमों के चलते मजबूरी में घर वापसी की तैयारी
अमेरिका में बेहतर भविष्य की तलाश में गए भारतीयों के लिए एक बार फिर मुश्किल खबर सामने आई है। हाल ही में Oracle में हुई छंटनी के बाद एक NRI दंपत्ति ने 60 दिन की वीज़ा डेडलाइन के चलते भारत लौटने का फैसला किया है।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स की हकीकत को दिखाता है जो विदेशों में नौकरी पर निर्भर हैं।
अचानक आई नौकरी पर गाज
बताया जा रहा है कि यह दंपत्ति पिछले कई सालों से United States में रह रहा था और आईटी सेक्टर में काम कर रहा था। लेकिन कंपनी की हालिया छंटनी में दोनों की नौकरी चली गई।
अमेरिका में H-1B जैसे वीज़ा पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, क्योंकि नौकरी जाने के बाद उनके पास नया रोजगार ढूंढने के लिए सिर्फ 60 दिन का समय होता है।
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60 दिन की डेडलाइन का दबाव
अमेरिकी इमिग्रेशन नियमों के तहत, अगर इस अवधि में नई नौकरी नहीं मिलती, तो व्यक्ति को देश छोड़ना पड़ता है।
इसी दबाव के चलते इस दंपत्ति ने जुलाई में India लौटने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि इतने कम समय में नई नौकरी ढूंढना आसान नहीं है, खासकर तब जब टेक इंडस्ट्री में बड़े स्तर पर छंटनी चल रही हो।
बढ़ती छंटनी, बढ़ती चिंता
पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी टेक कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की है। इससे न सिर्फ अमेरिकी नागरिक, बल्कि विदेशी कर्मचारियों पर भी असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक दबाव, लागत कम करने की रणनीति और बदलती टेक जरूरतों के कारण कंपनियां यह कदम उठा रही हैं।
“अमेरिकन ड्रीम” पर असर
विदेश में बसने और करियर बनाने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए यह खबर एक झटका है।
कई लोगों का मानना है कि “अमेरिकन ड्रीम” अब पहले जैसा सुरक्षित नहीं रहा, खासकर तब जब नौकरी की स्थिरता ही खतरे में हो।

भावनात्मक और आर्थिक चुनौती
भारत लौटना सिर्फ एक लॉजिस्टिक फैसला नहीं है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी चुनौतीपूर्ण होता है।
- बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है
- जीवनशैली में बड़ा बदलाव आता है
- करियर को फिर से शुरू करना पड़ता है
इस दंपत्ति ने भी कहा कि उन्होंने अमेरिका में अपना भविष्य बसाने की योजना बनाई थी, लेकिन हालात ने उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।
क्या भारत में मिलेंगे नए मौके?
हालांकि भारत लौटने को कई लोग एक नई शुरुआत के तौर पर भी देख रहे हैं।
आईटी सेक्टर में भारत तेजी से बढ़ रहा है और यहां भी कई अवसर मौजूद हैं। लेकिन विदेशी अनुभव के बावजूद, वापस आकर खुद को फिर से स्थापित करना आसान नहीं होता।
निष्कर्ष
Oracle की छंटनी ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वैश्विक नौकरी बाजार कितना अस्थिर हो चुका है।
यह कहानी सिर्फ एक NRI दंपत्ति की नहीं, बल्कि उन हजारों भारतीयों की है जो विदेश में अपने सपनों को साकार करने निकले थे, लेकिन बदलते हालात ने उन्हें नया रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया।
अब देखना यह होगा कि क्या भारत लौटना उनके लिए एक नई शुरुआत साबित होगा या फिर एक कठिन संघर्ष।
