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“Modi की विदेश नीति पूरी दुनिया के लिए मज़ाक बन गई” — Rahul Gandhi का बड़ा हमला, Pakistan बना US-Iran का दूत

“Modi की विदेश नीति पूरी दुनिया के लिए मज़ाक बन गई” — Rahul Gandhi का बड़ा हमला, Pakistan बना US-Iran का दूत

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"Modi की विदेश नीति पूरी दुनिया के लिए मज़ाक बन गई" — Rahul Gandhi का बड़ा हमला, Pakistan बना US-Iran का दूत
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए Rahul Gandhi ने PM Modi की विदेश नीति को "universal joke" बताया और Pakistan के US-Iran मध्यस्थ बनने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

संसद के बाहर मंगलवार को Rahul Gandhi कुछ ऐसे बोले जैसे कोई लंबे समय से रुकी हुई बात एक साथ निकल रही हो। निशाने पर थे प्रधानमंत्री Narendra Modi — उनकी विदेश नीति, उनके भाषण और उनकी चुप्पी।

और यह सब तब हुआ जब दुनिया की नज़रें Pakistan पर टिकी थीं — क्योंकि खबर आ रही थी कि Pakistan, US और Iran के बीच शांति वार्ता का मंच बनने जा रहा है।

“लिखकर दे सकता हूँ” — Rahul का सबसे तीखा बयान

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए Gandhi ने कहा — “हमारी विदेश नीति PM Modi की निजी विदेश नीति है। नतीजे आप खुद देख सकते हैं — पूरी दुनिया इसे universal joke मानती है।”

और इतने पर नहीं रुके। उन्होंने दावा किया — “मैं लिखकर दे सकता हूँ कि PM वही करेंगे जो America और Israel कहेंगे। वे India के किसानों और जनता के हित में नहीं, बल्कि America और Israel के इशारे पर चलेंगे।”

यह बयान उस वक्त आया जब Pakistan के PM Shehbaz Sharif ने US-Iran वार्ता की मेज़बानी की पेशकश की और Donald Trump ने उसे अपने Truth Social पर share कर दिया। ठीक इसी दिन Trump ने PM Modi को फोन भी किया।

Covid वाली तुलना पर Rahul का पलटवार

PM Modi ने इस हफ्ते Lok Sabha और Rajya Sabha दोनों में बोलते हुए West Asia संकट की तुलना Covid महामारी से की। उन्होंने कहा कि जैसे देश ने Covid में एकजुट होकर सामना किया, वैसे ही अब भी तैयार रहना होगा।

लेकिन Rahul Gandhi को यह तुलना बिल्कुल नागवार गुज़री।

उन्होंने कहा — “Modi जी ने कहा Covid जैसा वक्त आने वाला है। क्या वे भूल गए कि तब क्या हुआ था? कितने लोग मारे गए, कैसी-कैसी त्रासदियाँ हुईं?”

यह एक सीधा वार था — Covid के दौरान सरकार की नीतियों पर, oxygen की कमी पर, और उस दर्द पर जो करोड़ों परिवारों ने झेला।

“PM का कोई स्टैंड ही नहीं है”

Gandhi ने Modi के संसदीय भाषणों को “irrelevant” बताया। उनका कहना था — “वे India के Prime Minister हैं। उन्हें PM की तरह दिखना चाहिए। US-Iran जंग पर उनका कोई स्पष्ट रुख ही नहीं है।”

और इस रुख की गैरमौजूदगी का खामियाज़ा आम आदमी को भुगतना पड़ेगा — यह Gandhi की सबसे व्यावहारिक चेतावनी थी।

उन्होंने कहा — “यह तो बस शुरुआत है। LPG, petrol, fertiliser — सब महंगे होंगे। तेल की सप्लाई पर असर पड़ा तो आम परिवारों की रसोई तक मार पड़ेगी।”

All-Party Meeting में नहीं जाएंगे Rahul

सरकार ने बुधवार को West Asia संकट पर एक all-party meeting बुलाई थी। लेकिन Gandhi ने साफ कह दिया कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे। वजह बताई — Kerala दौरा।

लेकिन एक और वजह भी थी जो उन्होंने खुलकर कही — “All-party meeting होनी चाहिए, लेकिन एक structural blunder हो चुकी है जिसे अब ठीक नहीं किया जा सकता।”

"Modi की विदेश नीति पूरी दुनिया के लिए मज़ाक बन गई" — Rahul Gandhi का बड़ा हमला, Pakistan बना US-Iran का दूत


उन्होंने यह नहीं बताया कि वह “structural blunder” क्या है — लेकिन इशारा साफ था कि उनकी नज़र में सरकार ने कोई बड़ी नीतिगत भूल पहले ही कर दी है।

Modi ने क्या कहा?

PM Modi ने Rajya Sabha में कहा — “यह जंग ऐसे मुश्किल हालात पैदा कर रही है जो लंबे समय तक बने रह सकते हैं। हमें धैर्य, संयम और शांति के साथ हर चुनौती का सामना करना है — यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है।”

Lok Sabha में उन्होंने fuel, fertiliser, national security और West Asia में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम उठा रही है ताकि “आम परिवारों को कम से कम तकलीफ हो।”

उन्होंने यह भी कहा कि dialogue और diplomacy ही एकमात्र रास्ता है और India के सारे प्रयास de-escalation की दिशा में हैं।

दो नज़रिए, एक संकट

एक तरफ PM Modi का कहना है कि India शांति और कूटनीति की राह पर है — दूसरी तरफ Rahul Gandhi का आरोप है कि इस रास्ते पर India का कोई नक्शा ही नहीं है।

और बीच में खड़ा है Pakistan — जो इस पूरे घटनाक्रम में वो भूमिका निभाने जा रहा है जो शायद India को मिलनी चाहिए थी।

यही वो बात है जो Rahul Gandhi को सबसे ज़्यादा चुभ रही है।