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Iran ने US का प्रस्ताव ठुकराया — कहा “एकतरफा और नाइंसाफ”, पर बातचीत की उम्मीद अभी भी जिंदा
Pakistan के ज़रिए भेजे गए Washington के प्रस्ताव को Tehran ने किया खारिज — Turkey और Pakistan बन रहे हैं मध्यस्थ
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर आई है। Iran ने गुरुवार को United States की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Iranian अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को “एकतरफा और नाइंसाफ” करार दिया — लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर कूटनीतिक कोशिशें जारी रहीं, तो आगे का रास्ता निकल सकता है।
Pakistan बना ‘संदेशवाहक’, पर Tehran नाखुश
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह अमेरिकी प्रस्ताव सीधे नहीं, बल्कि Pakistan के ज़रिए Iran तक पहुंचाया गया। लेकिन Tehran को यह रास्ता भी रास नहीं आया। एक Iranian अधिकारी ने Reuters को बताया कि यह प्रस्ताव सिर्फ US और Israel के हितों की पूर्ति करता है — Iran के नहीं।
अधिकारी ने यह भी साफ किया कि इस वक्त Washington और Tehran के बीच सीधी बातचीत की कोई योजना “realistic नहीं लगती।”
फिर भी दरवाज़ा पूरी तरह बंद नहीं
हालांकि Iran के इस कड़े रुख के बावजूद एक उम्मीद की किरण भी दिखी। उसी अधिकारी ने कहा —
“Diplomacy रुकी नहीं है। अगर Washington में यथार्थवाद हावी हुआ, तो आगे का रास्ता अभी भी निकल सकता है।”

यह बयान इस बात का संकेत है कि Iran पूरी तरह बातचीत से मुंह नहीं मोड़ रहा — बस शर्तें अपनी रखना चाहता है।
Turkey और Pakistan की अहम भूमिका
अधिकारी ने बताया कि इस संघर्ष को खत्म करने की कोशिश में Turkey और Pakistan मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देश Washington और Tehran के बीच संवाद की कड़ी बनने की कोशिश कर रहे हैं — हालांकि अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
यह स्थिति दुनिया के लिए चिंताजनक है, खासकर तब जब Strait of Hormuz पर तनाव पहले से बना हुआ है और वैश्विक तेल बाजार हर खबर पर हिलता नज़र आ रहा है।
आगे क्या होगा?
दुनिया की नज़रें अब Washington के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या US अपने प्रस्ताव में बदलाव करेगा? क्या Turkey और Pakistan की मध्यस्थता कोई नतीजा निकाल पाएगी? या फिर यह तनाव और गहरा होगा? Dainik Diary हर अपडेट पर नज़र बनाए हुए है।
