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हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बड़ा खेल! अमेरिकी ब्लॉकेड के बीच ईरानी तेल टैंकर ने खुली चुनौती देते हुए पार किया रास्ता

ट्रैकर ऑन रखकर चला सुपरटैंकर, अमेरिका के सख्त प्रतिबंधों के बावजूद बिना रोक-टोक ईरान पहुंचा

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हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरता ईरानी तेल टैंकर, अमेरिकी प्रतिबंधों को देता खुला चुनौती
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरता ईरानी तेल टैंकर, अमेरिकी प्रतिबंधों को देता खुला चुनौती

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने वैश्विक राजनीति और तेल व्यापार दोनों को हिला कर रख दिया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी इस ताज़ा घटना में एक ईरानी सुपरटैंकर ने अमेरिकी प्रतिबंधों को खुली चुनौती देते हुए सुरक्षित तरीके से अपनी मंज़िल हासिल कर ली।

जानकारी के मुताबिक, एक बेहद बड़ा ईरानी क्रूड कैरियर (VLCC), जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट कर रखा है, वह खुलेआम अपने ट्रैकिंग सिस्टम को ऑन रखते हुए अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से होकर ईरानी तट तक पहुंच गया। इस घटना ने अमेरिकी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई स्थित ईरान का वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह सुपरटैंकर बिना किसी छुपाव के, पूरी पारदर्शिता के साथ अपनी यात्रा पूरी कर गया।

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पोस्ट में कहा गया कि टैंकर की क्षमता करीब 20 लाख बैरल तेल ढोने की है और उसने पूरे रास्ते अपना ट्रैकर चालू रखा। यानी उसने न केवल अमेरिकी प्रतिबंधों को नजरअंदाज किया, बल्कि उन्हें खुली चुनौती भी दी।

अमेरिका का ब्लॉकेड और उसके दावे

हाल ही में यूएस सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि उसने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी पूरी तरह लागू कर दी है। अमेरिका के अनुसार, कोई भी जहाज जो ईरानी बंदरगाहों से जुड़ा है, उसे रोका जाएगा।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस ब्लॉकेड के लागू होने के 36 घंटे के भीतर ही ईरान के समुद्री व्यापार को लगभग पूरी तरह रोक दिया गया है। उनका दावा है कि ईरान की 90% अर्थव्यवस्था समुद्री व्यापार पर निर्भर है, जिसे इस कार्रवाई से भारी झटका लगा है।

फिर भी कैसे पार हुआ टैंकर?

यही सवाल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रहा है। अगर अमेरिकी ब्लॉकेड इतना प्रभावी है, तो फिर यह टैंकर बिना किसी बाधा के कैसे गुजर गया?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दिखाती है कि जमीनी हकीकत और आधिकारिक दावों में बड़ा अंतर हो सकता है। ईरान लंबे समय से प्रतिबंधों के बावजूद अपने तेल निर्यात के वैकल्पिक रास्ते खोजता रहा है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरता ईरानी तेल टैंकर, अमेरिकी प्रतिबंधों को देता खुला चुनौती


दो और जहाजों ने भी तोड़ा घेरा

इस घटना से पहले भी दो जहाजों के ब्लॉकेड तोड़ने की खबर सामने आई थी। समुद्री ट्रैकिंग कंपनी Kpler के अनुसार, लाइबेरिया का जहाज “Christianna” और कोमोरोस का टैंकर “Elpis” भी इसी रास्ते से गुजर चुके हैं।

“Christianna” ने ईरान के बंदरगाह बंदर इमाम खोमैनी से मकई उतारने के बाद जलडमरूमध्य पार किया, जबकि “Elpis” करीब 31,000 टन मेथनॉल लेकर बुशेहर से निकला था।

वैश्विक असर क्या होगा?

यह घटना सिर्फ एक जहाज की कहानी नहीं है, बल्कि इससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

क्या बढ़ेगा अमेरिका-ईरान तनाव?

इस घटना के बाद यह साफ है कि ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और गहरा सकता है। जहां एक तरफ अमेरिका अपनी सख्ती दिखा रहा है, वहीं ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका इस चुनौती का जवाब और कड़े कदमों से देता है या फिर यह टकराव किसी बड़े संकट का रूप ले लेता है।

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