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Bangladesh ने India से माँगा अतिरिक्त Diesel — Iran-US जंग से ऊर्जा संकट में डूबा पड़ोसी देश, Universities बंद और Fuel Rationing लागू

Numaligarh Refinery से 5,000 टन Diesel की माँग, Friendship Pipeline से जारी है आपूर्ति — India ने कहा उपलब्धता देखकर करेंगे विचार

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Bangladesh ने India से माँगा अतिरिक्त Diesel — ऊर्जा संकट में Universities बंद, Fuel Rationing लागू | Dainik Diary
Numaligarh Refinery, Assam — Friendship Pipeline के जरिए Bangladesh को Diesel आपूर्ति करने वाली यह Refinery अब पड़ोसी देश के ऊर्जा संकट में उम्मीद की किरण बनी है।

Iran और America के बीच चल रही जंग की आग अब South Asia तक पहुँच गई है। Bangladesh इस वक्त एक गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है और उसने अपने पड़ोसी भारत से मदद माँगी है। Bangladesh Petroleum Corporation यानी BPC ने Assam स्थित Numaligarh Refinery से 5,000 टन अतिरिक्त Diesel की माँग की है। India ने मंगलवार को कहा कि इस अनुरोध पर घरेलू उपलब्धता और वैश्विक बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा।

क्यों पड़ी Bangladesh को इतनी जरूरत?

Bangladesh अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का 95 प्रतिशत आयात से पूरा करता है। Iran-US संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे Bangladesh में Fuel की किल्लत हो गई। हालात इतने बुरे हो गए कि देश में Panic Buying शुरू हो गई और सरकार को रोजाना के Fuel बिक्री पर सीमा लगानी पड़ी यानी Fuel Rationing लागू करनी पड़ी।

स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए Bangladesh सरकार ने एक असाधारण कदम उठाया — Eid al-Fitr की छुट्टियाँ पहले ही घोषित कर दी गईं और देशभर के सरकारी और निजी विश्वविद्यालय सोमवार को बंद कर दिए गए। यह सब ईंधन बचाने के लिए आपातकालीन उपायों के तहत किया गया।

Friendship Pipeline का अहम रोल

India और Bangladesh के बीच 2017 में Friendship Pipeline चालू की गई थी जो Assam के Numaligarh Refinery से सीधे Bangladesh तक Diesel पहुँचाती है। यह पाइपलाइन दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार की रीढ़ बन चुकी है। फिलहाल एक मौजूदा करार के तहत Bangladesh दिसंबर 2026 तक Numaligarh Refinery से 1,80,000 टन Diesel आयात करेगा। BPC की ताजा माँग इस मौजूदा समझौते से अलग और अतिरिक्त है।

बताया जा रहा है कि Bangladesh ने अगले चार महीनों में 50,000 टन अतिरिक्त Diesel की माँग रखी है। यह माँग Bangladesh के Finance Minister Amir Khasru Mahmud Chowdhury ने सप्ताहांत में India के High Commissioner Pranay Verma के साथ हुई बैठक में उठाई।

India का रुख — सावधानी के साथ मदद का भरोसा

Bangladesh ने India से माँगा अतिरिक्त Diesel — Iran-US जंग से ऊर्जा संकट में डूबा पड़ोसी देश, Universities बंद और Fuel Rationing लागू


मामले से परिचित सूत्रों ने बताया कि India इस अनुरोध को गंभीरता से ले रहा है। एक सूत्र ने कहा, “यह Diesel आपूर्ति दोनों देशों के बीच चल रहे नियमित ऊर्जा व्यापार का हिस्सा है। India में Fuel की उपलब्धता पर करीबी नजर रखी जा रही है।” यानी India मदद करना चाहता है, लेकिन अपनी घरेलू जरूरतों से समझौता किए बिना।

यह अनुरोध ऐसे वक्त आया है जब India और Bangladesh के बीच संबंध सुधरने की कोशिशें चल रही हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से तनाव रहा है, लेकिन ऊर्जा के मोर्चे पर India ने हमेशा पड़ोसी देशों की मदद में अग्रणी भूमिका निभाई है।

भारत की अपनी चुनौतियाँ

यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि खुद India भी इस वैश्विक ऊर्जा संकट से अछूता नहीं है। Jet Fuel की कीमतें बढ़ने से Air India ने Fuel Surcharge बढ़ाने का ऐलान किया है। Strait of Hormuz की बाधा से भारत के अपने तेल आयात पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में Bangladesh को अतिरिक्त Diesel देने का फैसला India को सोच-समझकर लेना होगा।

दक्षिण एशिया पर Iran-US जंग का असर

यह पूरा घटनाक्रम इस बात की याद दिलाता है कि Middle East की जंग सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं रहती। उसकी लपटें हजारों किलोमीटर दूर South Asia तक पहुँच जाती हैं। Bangladesh जैसे देश जो ऊर्जा के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं, वे इस तरह के वैश्विक संकट में सबसे पहले और सबसे बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

अब सब की नजरें New Delhi पर हैं। क्या India अपने पड़ोसी की मदद करेगा? जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।