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“शहीद Iran को और मजबूत बनाते हैं” मरने से पहले Larijani ने America और Israel को दी थी यह चेतावनी
Iran के सबसे ताकतवर सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani ने मौत से कुछ दिन पहले कहा था कि नेताओं को मारने से Iran कमजोर नहीं, और मजबूत होगा। फिर Israel की मिसाइल ने उन्हें भी उठा लिया — उनके बेटे और अंगरक्षकों समेत।
इतिहास में कुछ बयान ऐसे होते हैं जो इंसान की मौत के बाद और भी भारी लगते हैं। Ali Larijani का वो बयान भी कुछ ऐसा ही है — जब उन्होंने कहा था कि “शहादत Iran को और ताकतवर बनाती है।” कुछ ही दिनों बाद वो खुद भी उसी रास्ते पर चले गए।
कौन थे Ali Larijani — Iran का सबसे अहम चेहरा
Larijani दशकों से Iran की सत्ता के केंद्र में रहे। वह एक “सच्चे अंदरूनी आदमी” थे जिनकी पहुँच शासन के हर कोने तक थी। वह Mathematics और Computer Science में पढ़े-लिखे थे, Tehran University से Philosophy में PhD की थी और जर्मन दार्शनिक Immanuel Kant पर लिखते थे — लेकिन साथ ही IRGC में Brigadier General भी रहे। एक शख्स जो किताबें भी लिखे और मिसाइलों की रणनीति भी बनाए — यही थे Larijani।
Supreme Leader Ali Khamenei की मौत के बाद Larijani कई विश्लेषकों की नजर में Iran के de facto नेता बन गए थे। उन्होंने Moscow, Beirut, Abu Dhabi और Oman की यात्राएं की थीं और Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मिलकर Iran के परमाणु समझौते की शर्तें रखी थीं।
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मौत से पहले दी थी चेतावनी
Larijani ने मारे जाने से पहले America और Israel को साफ चेतावनी दी थी कि ईरानी नेताओं की हत्या देश को कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत करेगी। उन्होंने दुनियाभर के मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि इस्लामी देश Iran के साथ खड़े नहीं हुए तो यह पैगम्बर की शिक्षाओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि Iran अपने पड़ोसियों पर प्रभुत्व नहीं चाहता, लेकिन जो हमला हो रहा है उसका जवाब देना जरूरी है। 13 मार्च को वह एक सरकारी समर्थक रैली में भी दिखे थे — जबकि हर कोई जानता था कि Israel उन्हें निशाना बना सकता है। यह हिम्मत थी या लापरवाही — यह सवाल अब बेमानी हो गया है।
वो रात जब Larijani मारे गए
Iran के Supreme National Security Council ने पुष्टि की कि Larijani अपने बेटे Morteza, अपने दफ्तर के प्रमुख और कई अंगरक्षकों के साथ मारे गए। Council ने अपने बयान में कहा — “जीवनभर Iran और इस्लामी क्रांति की सेवा के बाद, उन्होंने अपनी लंबे समय से पोषित इच्छा पूरी की और गौरव के साथ शहादत का दर्जा पाया।”
Israel के Defense Minister Israel Katz ने इसे “खात्मा” बताया। Netanyahu ने कहा यह Iran की सरकार पलटने की दिशा में एक कदम है।
क्या Larijani की मौत से वाकई बदलेगा कुछ?
Iran के Foreign Minister Abbas Araghchi ने साफ कहा कि America और Israel अभी तक यह नहीं समझ पाए कि Iran की सरकार किसी एक इंसान पर नहीं टिकी। “Supreme Leader तक शहीद हो गए, फिर भी व्यवस्था चलती रही। अगर कोई और भी शहीद होता है, तो भी यही होगा।”

लेकिन विश्लेषक इससे पूरी तरह सहमत नहीं। Larijani को एक व्यावहारिक और अनुभवी राजनेता माना जाता था जो बातचीत की खिड़कियाँ खोल सकते थे। वह युद्ध शुरू होने से पहले परमाणु वार्ता का नेतृत्व कर रहे थे। विश्लेषकों का मानना है कि Israel ने उन्हें मारकर शायद कूटनीतिक रास्ता बंद कर दिया है।
एक विशेषज्ञ के शब्दों में — “इस्लामिक रिपब्लिक किसी एक व्यक्ति की मौत झेलने के लिए बना है, लेकिन Larijani जैसे विविध अनुभव वाले लोग आसानी से नहीं मिलते।”
Iran का बदला — IRGC का ऐलान
Iran के Army Chief Maj. Gen. Amir Hatami ने कहा कि Larijani की मौत का जवाब “निर्णायक और दुखद” होगा। IRGC Commander ने Trump को चेताया — “हमारे आश्चर्यों का इंतजार करो। हमारा जवाब दुश्मन की कल्पना से भी भयंकर होगा।”
Iran ने बदले में Israel में 100 से ज्यादा सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर मिसाइलें दागने का दावा किया।
Larijani ने कहा था — शहीद Iran को मजबूत करते हैं। अब वो खुद एक शहीद हैं। और Iran का जवाब बता रहा है कि शायद वो गलत नहीं थे — यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा।
