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25 साल बाद लेबनान में इजरायल की सबसे बड़ी घुसपैठ! क्या Iran Ceasefire Deal पर मंडरा रहा है नया खतरा?

Lebanon के दक्षिणी इलाकों में इजरायली सेना की गहरी घुसपैठ ने मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। Hezbollah के खिलाफ कार्रवाई के बीच Iran और इजरायल के बीच संभावित समझौते पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

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दक्षिणी Lebanon में इजरायली सैन्य अभियान के बीच सीमा क्षेत्र में बढ़ा तनाव और सुरक्षा चिंता।

मध्य-पूर्व एक बार फिर बड़े भू-राजनीतिक संकट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। Israel ने दक्षिणी Lebanon में अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है और रिपोर्टों के अनुसार उसकी सेना पिछले 25 वर्षों में पहली बार इतनी गहराई तक लेबनानी क्षेत्र में पहुंची है। इस कदम ने न केवल क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया है बल्कि Iran और इजरायल के बीच संभावित युद्धविराम समझौते को भी जटिल बना दिया है।

इजरायली सेना का कहना है कि उसका अभियान Iran-समर्थित Hezbollah के खिलाफ है। यह संगठन दक्षिणी लेबनान में मजबूत राजनीतिक और सैन्य प्रभाव रखता है। पिछले महीनों में Hezbollah द्वारा उत्तरी इजरायल और सीमा क्षेत्रों में हजारों रॉकेट और ड्रोन हमले किए गए हैं, जिसके जवाब में इजरायल लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है।

दक्षिणी लेबनान में बढ़ा सैन्य दबाव

रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली बलों ने दक्षिणी लेबनान के एक रणनीतिक किलेनुमा क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह इलाका सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां से लेबनान के बड़े हिस्से और उत्तरी इजरायल पर नजर रखी जा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह वही स्थान है जिस पर इजरायल ने वर्षों पहले कब्जा किया था और लंबे समय तक वहां अपनी मौजूदगी बनाए रखी थी। ऐसे में इस क्षेत्र पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करना केवल सैन्य नहीं बल्कि प्रतीकात्मक महत्व भी रखता है।

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नागरिकों को खाली करने की चेतावनी

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। सेना का कहना है कि जिन इलाकों में Hezbollah की गतिविधियां हैं, वहां बड़े सैन्य अभियान चलाए जा सकते हैं।

दूसरी ओर लेबनान सरकार ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। लेबनानी प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इजरायल शहरों और कस्बों को व्यापक नुकसान पहुंचाने की नीति पर काम कर रहा है। इससे स्थानीय लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।

ईरान समझौते पर पड़ सकता है असर

इजरायल की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव कम करने को लेकर कई स्तरों पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। सूत्रों के अनुसार, Tehran चाहता है कि किसी भी संभावित समझौते में लेबनान में जारी संघर्ष को समाप्त करने की शर्त भी शामिल हो।

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यही कारण है कि इजरायल की ताजा सैन्य गतिविधि को संभावित Iran-Israel Ceasefire के लिए चुनौती माना जा रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि लेबनान मोर्चे पर संघर्ष बढ़ता है तो व्यापक क्षेत्रीय समझौते की संभावनाएं कमजोर पड़ सकती हैं।

दुनिया की बढ़ती चिंता

Qatar ने इस घटनाक्रम को “खतरनाक तनाव वृद्धि” बताया है, जबकि Germany की विदेश मंत्री ने भी स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डर है कि यदि संघर्ष और फैलता है तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व की स्थिरता पर पड़ सकता है।

हालांकि अब तक United States की ओर से इस ताजा सैन्य कार्रवाई पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि वाशिंगटन की भूमिका आने वाले दिनों में बेहद महत्वपूर्ण होगी।

क्या आगे और बढ़ सकता है संघर्ष?

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Hezbollah और इजरायल के बीच हमलों का सिलसिला जारी रहता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इससे न केवल लेबनान और इजरायल बल्कि पूरे क्षेत्र में नई अस्थिरता पैदा होने का खतरा बढ़ जाएगा।

फिलहाल दुनिया की नजरें दक्षिणी लेबनान पर टिकी हैं, जहां हर नया सैन्य कदम मध्य-पूर्व की राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को बदलने की क्षमता रखता है।