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‘glamour नहीं, comedy है असली चुनौती’: Pooja Hegde ने बताया acting का सबसे मुश्किल पहलू
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की रिलीज से पहले अभिनेत्री ने कहा— लोगों को हंसाना खूबसूरत दिखने से कहीं ज्यादा कठिन काम है।
फिल्मी दुनिया में अक्सर यह माना जाता है कि बड़े पर्दे पर ग्लैमरस दिखना और स्टारडम को बनाए रखना सबसे मुश्किल काम होता है। लेकिन अभिनेत्री पूजा हेगड़े की राय इससे बिल्कुल अलग है। उनका मानना है कि दर्शकों को हंसाना किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है और कॉमेडी करना ग्लैमर दिखाने से कहीं ज्यादा कठिन है।
तेलुगु, तमिल और हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना चुकीं पूजा हेगड़े इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह कॉमेडी अंदाज में नजर आने वाली हैं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने कॉमिक किरदार निभाने की चुनौतियों पर खुलकर बात की।
पूजा ने बताया कि कॉमेडी केवल मजेदार संवाद बोलने का नाम नहीं है, बल्कि इसमें समय, भाव-भंगिमा और शारीरिक हाव-भाव का सटीक तालमेल होना बेहद जरूरी होता है। उनके अनुसार, अगर किसी कॉमिक सीन में एक सेकंड का भी अंतर आ जाए, तो पूरा प्रभाव खत्म हो सकता है।
अभिनेत्री ने कहा कि निर्देशक डेविड धवन की फिल्मों में ऊर्जा हमेशा बेहद ऊंचे स्तर पर होती है। ऐसे माहौल में कलाकार को हर पल सतर्क रहना पड़ता है ताकि उसके संवाद, प्रतिक्रियाएं और बॉडी लैंग्वेज कहानी की गति के साथ मेल खा सकें।
पूजा हेगड़े ने हिंदी सिनेमा में कॉमेडी के बदलते स्वरूप पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि 90 के दशक और शुरुआती 2000 के दशक की फिल्मों में कॉमेडी का अंदाज काफी अलग हुआ करता था। उस दौर में कई दृश्य अधिक नाटकीय और बड़े स्तर पर प्रस्तुत किए जाते थे। लेकिन आज के दौर में दर्शकों की पसंद बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कारण दर्शक हर तरह के हास्य से परिचित हो चुके हैं। ऐसे में थिएटर में बैठकर किसी को दिल से हंसाना पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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पूजा का मानना है कि महिला कलाकारों के लिए यह चुनौती और भी बड़ी होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा में कई शानदार महिला कॉमेडियन रही हैं, लेकिन आज भी यह धारणा बनी हुई है कि कॉमेडी पुरुष कलाकारों का क्षेत्र है। इसी सोच को बदलने के लिए वह लगातार अलग-अलग तरह के किरदारों में खुद को साबित करना चाहती हैं।

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि व्यावसायिक और मनोरंजन प्रधान फिल्मों को अक्सर हल्के अंदाज में देखा जाता है, जबकि ऐसी फिल्मों के पीछे काफी मेहनत छिपी होती है। बड़े गाने, जटिल डांस स्टेप्स, लंबे शूटिंग शेड्यूल और लगातार ऊर्जा बनाए रखना आसान नहीं होता।
पूजा हेगड़े के अनुसार, एक सफल कलाकार बनने के लिए केवल खूबसूरत दिखना पर्याप्त नहीं है। अभिनय के हर पहलू पर मेहनत करनी पड़ती है और कॉमेडी उनमें से सबसे कठिन विधाओं में से एक है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में वह खुद को एक बहुमुखी अभिनेत्री के रूप में स्थापित करना चाहती हैं और कॉमेडी इस सफर का अहम हिस्सा होगी।
