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Health

ब्लड शुगर नहीं बढ़ाते ये 6 फल, अगर सही तरीके से खाए जाएं तो डायबिटीज में भी हैं फायदेमंद

डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस में फल खाना मना नहीं, बस जरूरी है सही चुनाव और संतुलन

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सेब, एवोकाडो और बेरीज जैसे फल, जो सही मात्रा में खाए जाएं तो ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकते हैं।

अक्सर लोगों को लगता है कि फल खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाता है, इसलिए डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस में फलों से दूरी बना लेनी चाहिए। लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।

मुंबई सेंट्रल स्थित वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट Dr Pranav Ghody के अनुसार, फल केवल प्राकृतिक शुगर ही नहीं, बल्कि फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट्स का भी बेहतरीन स्रोत होते हैं। सही फल और सही मात्रा चुन ली जाए, तो ये ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकते हैं।

डॉ. घोड़ी का कहना है कि समस्या फलों में नहीं, बल्कि गलत फल, ज्यादा मात्रा और गलत तरीके से खाने में होती है। आइए जानते हैं ऐसे 6 फल, जो सोच-समझकर खाए जाएं तो ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाते।

सेब

छिलके के साथ खाया गया सेब फाइबर और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होता है। ये पाचन की गति को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं आता।

एवोकाडो

तकनीकी रूप से फल होने के बावजूद, एवोकाडो में शुगर बहुत कम होती है। इसमें मौजूद हेल्दी फैट और फाइबर ग्लूकोज लेवल को स्थिर रखने में मदद करते हैं।

ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाते हैं, जिससे शुगर कंट्रोल बेहतर होता है।

ग्रेपफ्रूट

ग्रेपफ्रूट में पाया जाने वाला नैचुरल कंपाउंड नैरिंजेनिन इंसुलिन की कार्यक्षमता को सुधारने में सहायक माना जाता है।

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साबुत संतरा (जूस नहीं)

पूरा संतरा फाइबर और विटामिन C से भरपूर होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। जूस की तुलना में पूरा फल ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

हरा सेब

हरा सेब शुगर में कम और फाइबर में ज्यादा होता है। यह मीठा खाने की क्रेविंग को कम करता है और शुगर क्रैश से बचाता है।

क्या डायबिटीज में फल पूरी तरह सुरक्षित हैं?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, संतुलन ही असली कुंजी है। डायबिटीज के मरीजों को फलों के जूस और ड्राय फ्रूट्स से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें शुगर तेजी से अवशोषित होती है। वहीं, साबुत और ताजे फल सीमित मात्रा में खाए जाएं तो नुकसान की बजाय फायदा पहुंचा सकते हैं।

फल को अगर प्रोटीन या हेल्दी फैट (जैसे नट्स या दही) के साथ खाया जाए, तो ब्लड शुगर स्पाइक और भी कम हो जाता है।

निष्कर्ष यही है कि फल दुश्मन नहीं हैं। सही जानकारी और समझदारी के साथ खाए गए फल ब्लड शुगर को संतुलित रखने वाले स्मार्ट डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।

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