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Antarctica में सर्दियों में 28 डिग्री बढ़ा तापमान: यह सिर्फ मौसम नहीं, आने वाले दशकों की भयावह चेतावनी है
July-August 2024 में East Antarctica में दो हफ्तों तक रहा असाधारण Heat Wave, वैज्ञानिकों ने कहा इंसानी गतिविधियों से बदल रहा है दुनिया का सबसे ठंडा महाद्वीप
कल्पना कीजिए कि जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में अचानक तापमान mid-30°C तक पहुंच जाए। यही कुछ July-August 2024 में Antarctica में हुआ, जब दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप पर सर्दियों के गहरे अंधेरे में तापमान औसत से 28°C तक ऊपर चला गया और यह स्थिति दो हफ्तों से भी ज्यादा समय तक बनी रही।
यह कोई छोटी बात नहीं है। Antarctica में सर्दियों में तापमान अक्सर -30°C से भी नीचे चला जाता है। ऐसे में 28°C की बढ़ोतरी एक ऐसी घटना है जिसे वैज्ञानिक सामान्य weather variability नहीं मान रहे।
क्या हुआ था 2024 में?
Sheffield University के researchers सहित वैज्ञानिकों के एक दल ने हाल ही में एक study में यह बताया कि इस heat wave के पीछे एक दुर्लभ atmospheric disturbance था, जिसे इंसानी गतिविधियों से हो रहे climate change ने और भी तीव्र बना दिया।
यह सब शुरू हुआ Antarctic polar vortex के कमजोर पड़ने से। यह वायुमंडल की ऊंची परतों में हवाओं का एक मजबूत चक्र होता है जो ठंडी हवाओं को Antarctica के ऊपर बंद रखता है। July 2024 में यह vortex distort हो गया और stratosphere का तापमान July की शुरुआत में ही 15°C से अधिक बढ़ गया। August की शुरुआत में एक और उछाल आया।
इसके बाद East Antarctica के ऊपर एक high-pressure system बन गया, जिसने warm और moisture-rich हवाओं की एक लंबी धारा, जिसे atmospheric river कहते हैं, को महाद्वीप के भीतर तक पहुंचने का रास्ता दे दिया। इस air mass ने कम अक्षांशों से गर्मी को Antarctic interior में ला दिया, जो सर्दियों में बेहद कम होता है। इस system से बने बादल एक कंबल की तरह काम करने लगे, जिसने ground के पास की गर्मी को अंतरिक्ष में वापस जाने से रोका।
साथ ही Antarctic sea ice उस वक्त record low के करीब थी और Southern Ocean असामान्य रूप से गर्म था, जिसने इस heat को और लंबे समय तक बनाए रखने में मदद की।

यह पहली बार नहीं था
यह कोई isolated घटना नहीं है। March 2022 में भी Antarctica के कुछ हिस्सों में तापमान औसत से करीब 40°C अधिक दर्ज किया गया था, जो पृथ्वी पर कहीं भी record किए गए सबसे बड़े temperature anomalies में से एक था। दोनों घटनाएं मिलकर एक स्पष्ट संकेत देती हैं कि extreme warming अब सिर्फ traditionally vulnerable regions तक सीमित नहीं रही।
सदी के अंत तक 20 गुना अधिक संभावना
वैज्ञानिकों ने computer simulations के जरिए यह भी बताया कि ऐसी extreme weather events पहले बेहद दुर्लभ होती थीं। लेकिन आज यह पहले से काफी अधिक likely हैं और अगर emissions high रहीं तो सदी के अंत तक ऐसी घटनाएं 20 गुना अधिक बार हो सकती हैं।
Antarctica का बदलाव दुनिया के लिए खतरा
Antarctica दुनिया के अधिकांश freshwater को विशाल ice sheets में बंद रखता है। यहां तक कि short-lived warming events भी snowfall, surface melt और floating ice shelves की stability को प्रभावित कर सकती हैं। जब ये ice shelves कमजोर होती हैं तो glaciers तेजी से समुद्र में सरकने लगते हैं, जिससे sea level rise होती है और दुनियाभर के coastlines पर असर पड़ता है।
इस 2024 heat wave ने यह भी दिखाया कि climate change सिर्फ average temperatures नहीं बदल रहा, बल्कि extremes को भी नए स्तर पर ले जा रहा है। दुनिया का सबसे दूरदराज और सबसे ठंडा महाद्वीप भी global warming से अछूता नहीं है। और जो वहां होता है, उसके नतीजे पूरी दुनिया भुगतती है।
