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ईरान-अमेरिका युद्ध की आग में झुलसता खाड़ी क्षेत्र: दुबई में मिसाइल अलर्ट, कतर ने ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया

UAE के गैस प्लांट पर हमला, सऊदी अरब के यनबू बंदरगाह पर रोक, कुवैत ने ईरानी ड्रोन मार गिराए — खाड़ी देशों में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं

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दुबई में मिसाइल अलर्ट के बाद सुनसान पड़ी सड़कें — खाड़ी युद्ध के बीच UAE के निवासियों में दहशत का माहौल।
दुबई में मिसाइल अलर्ट के बाद सुनसान पड़ी सड़कें — खाड़ी युद्ध के बीच UAE के निवासियों में दहशत का माहौल।

मध्य पूर्व में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग की लपटें अब खाड़ी के तमाम देशों तक पहुंच चुकी हैं। दुबई के निवासियों को गुरुवार सुबह अपने मोबाइल फोन पर ताजा अलर्ट मिला कि ईरानी मिसाइलें शहर की तरफ आ सकती हैं। इस खबर ने UAE में रहने वाले लाखों लोगों की नींद उड़ा दी।

UAE पर सीधा हमला — “खतरनाक उकसावा” करार

ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के हबशान गैस प्लांट और बाब फील्ड को निशाना बनाया, जिसे UAE सरकार ने “अत्यंत खतरनाक उकसावा” बताया है। अबू धाबी के अधिकारियों ने बताया कि इन साइट्स के ऊपर इंटरसेप्शन के बाद गैस ऑपरेशन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। वहीं, खाड़ी ओमान में UAE के बंदरगाह खोर फक्कान के पास एक जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई। ब्रिटिश नौसैनिक एजेंसी UKMTO ने इसकी पुष्टि की।

कतर ने ईरानी राजनयिकों को निकाला

कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान के उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें कहा गया था कि कतर के LNG हब पर हमला अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने “सभी लाल रेखाएं पार कर लीं” और नागरिक ठिकानों व महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला कर दुनिया के सामने खुद को बेनकाब कर लिया। जवाबी कार्रवाई में कतर ने ईरानी दूतावास के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दे दिया।

सऊदी अरब और कुवैत भी चपेट में

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “जो थोड़ा-बहुत भरोसा बचा था, वह पूरी तरह टूट गया।” इस बीच सऊदी अरब के महत्वपूर्ण लाल सागर बंदरगाह यनबू पर स्ट्राइक की खबर के बाद कच्चे तेल की लोडिंग कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। कुवैत ने गुरुवार सुबह ईरानी ड्रोन मार गिराने की पुष्टि की, जो दर्शाता है कि यह संघर्ष कितनी तेजी से फैल रहा है।

दुबई में मिसाइल अलर्ट के बाद सुनसान पड़ी सड़कें — खाड़ी युद्ध के बीच UAE के निवासियों में दहशत का माहौल।


ईरान की धमकी — “जवाब और भी भयंकर होगा”

ईरान के सैन्य अभियान कमांड खातम अल-अनबिया ने चेतावनी दी कि अगर उसकी ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया गया, तो पलटवार इतना तीव्र होगा कि दुश्मन को पछतावा होगा। ईरान ने साफ शब्दों में कहा कि “दुश्मन ने बड़ी गलती की है।” तेहरान ने यह भी कहा कि अगर उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया तो पूरे क्षेत्र में उसके सहयोगियों समेत सभी ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने तक हमले जारी रहेंगे।

यह तनाव तब और बढ़ा जब इजराइल ने ईरान के दक्षिण पार्स गैस फील्ड पर हमला किया। इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने चेतावनी दी कि इसके “बेकाबू नतीजे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकते हैं।”

ट्रंप का कड़ा रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजराइल दक्षिण पार्स गैस फील्ड पर हमला नहीं करेगा, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान ने कतर पर दोबारा हमला किया, तो अमेरिका इस पूरे फील्ड को “पूरी तरह तबाह” कर देगा।

UAE में स्कूल-कॉलेज बंद, उड़ानें रद्द

हालात की गंभीरता को देखते हुए UAE के कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों ने स्प्रिंग ब्रेक के बाद दो हफ्ते तक ऑनलाइन कक्षाओं का फैसला लिया है। हांगकांग की एयरलाइन Cathay Pacific ने 30 अप्रैल तक दुबई के लिए सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी ने बयान जारी करते हुए मध्य पूर्व में बिगड़ते हालात को इसकी वजह बताया।

खाड़ी क्षेत्र के इस संकट ने वैश्विक तेल बाजार, हवाई यातायात और व्यापारिक मार्गों पर गहरी चिंता पैदा कर दी है। दुनिया की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि आने वाले घंटों में कूटनीति रंग लाती है या तोपें और बोलती हैं।