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चांद पर इंसानों को भेजने से पहले NASA करेगा बड़ा स्पेस Tests , Artemis III Missionमें बदली गई योजना
अब Artemis III सीधे चांद पर नहीं जाएगा, बल्कि पृथ्वी की कक्षा में SpaceX और Blue Origin के लैंडर्स के साथ अहम डॉकिंग टेस्ट करेगा।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने महत्वाकांक्षी Artemis कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। अब Artemis III मिशन का मुख्य फोकस सीधे चांद पर उतरना नहीं होगा, बल्कि पृथ्वी की कक्षा में अंतरिक्ष डॉकिंग और तकनीकी परीक्षण करना होगा।
NASA का कहना है कि यह मिशन भविष्य में होने वाले Artemis IV मून मिशन की तैयारी का अहम हिस्सा बनेगा, जिसके तहत इंसानों को चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतारने की योजना है।
दरअसल, Artemis III मिशन के जरिए NASA यह जांचेगा कि उसका Orion spacecraft, SpaceX और Blue Origin द्वारा बनाए जा रहे लूनर लैंडर्स के साथ कितनी बेहतर तरीके से काम करता है। यह मिशन भविष्य के “Moon Base” यानी चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
NASA के Exploration Systems Development Mission Directorate के अधिकारी Jeremy Parsons ने कहा कि यह मिशन भले ही Earth Orbit तक सीमित हो, लेकिन चांद पर सुरक्षित मानव लैंडिंग के लिए यह बेहद जरूरी पड़ाव है। उन्होंने इसे NASA के सबसे जटिल मिशनों में से एक बताया।
Artemis III मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft में सवार होकर Kennedy Space Center, Florida से Space Launch System (SLS) रॉकेट के जरिए लॉन्च होंगे। पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचने के बाद Orion spacecraft, SpaceX के Starship Human Landing System Pathfinder और Blue Origin के Blue Moon Mark 2 Pathfinder के साथ docking और rendezvous टेस्ट करेगा।
NASA पहली बार Orion spacecraft के docking system और upgraded life support systems का भी परीक्षण करेगा। यही नहीं, मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को lander test vehicle के अंदर जाने का मौका भी मिल सकता है।
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एजेंसी Orion spacecraft के नए heat shield की भी जांच करेगी, ताकि पृथ्वी पर वापसी के दौरान सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।

NASA आने वाले दिनों में मिशन से जुड़ी कई अहम चीजों पर फैसला करेगा, जिनमें astronauts की training, मिशन की अवधि, वैज्ञानिक experiments और Axiom के नए AxEMU spacesuit का परीक्षण शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Artemis कार्यक्रम केवल चांद तक पहुंचने का मिशन नहीं, बल्कि भविष्य में मंगल ग्रह तक इंसानों को भेजने की तैयारी का हिस्सा भी है। यही वजह है कि NASA हर तकनीकी चरण को बेहद सावधानी से आगे बढ़ा रहा है।
अगर Artemis III सफल रहता है, तो Artemis IV के जरिए इंसानों की चांद पर वापसी का रास्ता काफी हद तक आसान हो जाएगा।
