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चांद पर ‘आग के छींटे’! Artemis II के अंतरिक्ष यात्रियों ने देखे उल्कापिंडों के टकराव

नासा मिशन के दौरान चांद के सुदूर हिस्से पर दिखीं 6 चमकदार टक्करें, वैज्ञानिकों के लिए बड़ा संकेत

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चांद के सुदूर हिस्से के पास से गुजरते हुए Artemis II मिशन का दृश्य। (NASA Photo)

अंतरिक्ष की दुनिया से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। Artemis II मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के सुदूर हिस्से पर ऐसी चीज देखी, जो आमतौर पर इंसानी आंखों से नहीं दिखती—उल्कापिंडों की टक्कर से पैदा हुई चमक।

NASA के ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार टीम जब चांद के पीछे वाले हिस्से से गुजर रही थी, तब उन्होंने सतह पर 6 बार अचानक चमकते हुए फ्लैश देखे। ये फ्लैश दरअसल छोटे-छोटे उल्कापिंडों के चांद से टकराने के कारण बने थे।

क्यों दिखे ये टकराव?

आमतौर पर ऐसे टकराव देख पाना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन उस समय चांद के सुदूर हिस्से पर पूर्ण अंधेरा था क्योंकि वहां सूर्य ग्रहण जैसी स्थिति बनी हुई थी। इसी कारण छोटे-छोटे फ्लैश भी साफ दिखाई दिए।

अंतरिक्ष यात्रियों के मुताबिक ये चमक सफेद या नीले रंग की थी और एक सेकंड से भी कम समय तक दिखाई दी। हैरानी की बात यह रही कि स्पेसक्राफ्ट के कैमरे इन पलों को रिकॉर्ड नहीं कर पाए, क्योंकि वे इतनी तेज घटनाओं को कैद करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

चांद पर क्यों ज्यादा होते हैं टकराव?

धरती पर हमारा वायुमंडल हमें उल्कापिंडों से बचाता है। अधिकांश छोटे पत्थर वायुमंडल में ही जलकर खत्म हो जाते हैं। लेकिन चांद के पास ऐसा कोई सुरक्षा कवच नहीं है।

इसी वजह से हर छोटा-बड़ा उल्कापिंड सीधे चांद की सतह से टकराता है और नए गड्ढे (क्रेटर) बनाता है। यही कारण है कि चांद की सतह पर लाखों क्रेटर दिखाई देते हैं।

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भविष्य के मिशन के लिए चेतावनी?

वैज्ञानिकों के लिए यह घटना बेहद महत्वपूर्ण है। भविष्य में जब इंसान चांद पर स्थायी बेस बनाने की योजना बना रहे हैं, तब ऐसे उल्कापिंड एक बड़ा खतरा बन सकते हैं।

छोटे-छोटे माइक्रोमेटियोराइट्स भी बहुत तेज गति से चलते हैं और स्पेस सूट या उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए NASA और अन्य एजेंसियां अब ऐसे खतरों से बचने के लिए मजबूत सुरक्षा तकनीकों पर काम कर रही हैं।

हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना असामान्य नहीं है। चांद पर लगातार टकराव होते रहते हैं, लेकिन उन्हें इंसानों द्वारा लाइव देख पाना बेहद दुर्लभ है।

क्या कहता है यह अनुभव?

Artemis II मिशन ने यह साबित कर दिया है कि अंतरिक्ष अभी भी रहस्यों से भरा हुआ है। इंसान जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही नई चीजों को समझ रहा है।

यह घटना न सिर्फ वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम लोगों के लिए भी अंतरिक्ष की अनदेखी दुनिया की एक झलक है।

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