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Web Series ‘Chiraiya’ ने उठाया Marital Rape का मुद्दा, JioHotstar पर लाखों लोगों ने देखा, बहस छिड़ी
Divya Dutta और Prasanna Bisht अभिनीत यह series सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि उस दर्द की आवाज़ है जिसे भारत में अब तक अपराध भी नहीं माना जाता।
कभी-कभी एक कहानी वह काम कर देती है जो सालों की बहसें नहीं कर पातीं। JioHotstar पर हाल ही में आई web series Chiraiya ने भारत में marital rape यानी पत्नी के साथ बलात्कार के मुद्दे को एक बार फिर समाज के सामने रख दिया है। और इस बार लोग चुप नहीं हैं।
क्या है ‘Chiraiya’ की कहानी
यह series दो बिल्कुल अलग दुनिया की महिलाओं की कहानी है। एक तरफ है कमलेश, एक middle class housewife जो मानती है कि औरत की जगह घर और रसोई तक ही सीमित है। उसका किरदार award winning अभिनेत्री Divya Dutta ने निभाया है।
दूसरी तरफ है पूजा, पढ़ी-लिखी, जागरूक और बराबरी में यकीन रखने वाली लड़की। उसका किरदार Prasanna Bisht ने निभाया है।
दोनों की ज़िंदगियाँ तब टकराती हैं जब पूजा की शादी कमलेश के देवर अरुण से होती है। अरुण देखने में आदर्श पति लगता है, लेकिन शादी की पहली रात ही वह पूजा के साथ बलात्कार करता है। जब पूजा विरोध करती है तो अरुण का जवाब होता है, “मैंने वही लिया जो मेरा हक़ है।”
और सबसे तकलीफदेह बात यह है कि वह गलत भी नहीं है, कानून की नज़र में।
भारत में अब भी अपराध नहीं है Marital Rape
यह सुनने में चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन यह कड़वा सच है। भारत उन तीन दर्जन से ज़्यादा देशों में शामिल है जहाँ marital rape को अपराध नहीं माना जाता। यह कानून औपनिवेशिक दौर का है और अगर पत्नी वयस्क है तो पति को उसके साथ जबरन संबंध बनाने पर कोई सज़ा नहीं है।
सरकारी आँकड़े बताते हैं कि भारत में शादीशुदा महिलाओं में से लगभग 6.1 फीसदी को कभी न कभी यौन हिंसा झेलनी पड़ी है। Supreme Court में इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर हैं लेकिन सरकार, धार्मिक संगठनों और पुरुष अधिकार संगठनों के विरोध की वजह से कोई बदलाव नहीं आया।
पिछले साल एक मामले में तो अदालत ने एक आरोपी को सिर्फ इसलिए बरी कर दिया क्योंकि पीड़ित उसकी पत्नी थी।

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Series की script writer Divi Nidhi Sharma का मकसद
Series की script writer Divi Nidhi Sharma कहती हैं, “यह अन्याय हमारे घरों और आसपास ही हो रहा है। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि इसके खिलाफ कोई कानूनी या सामाजिक सहारा नहीं है। इसीलिए एक लेखक के रूप में मैंने इस पर काम करना जरूरी समझा।”
यह series बंगाली show ‘Sampurna’ पर आधारित है, लेकिन इसे उत्तर भारत के सामाजिक माहौल में ढाला गया है जहाँ पितृसत्ता और भी गहरी जड़ें जमाए बैठी है।
कमलेश का किरदार इसीलिए खास है क्योंकि वह कोई feminist नहीं है। वह तो उसी सोच में पली-बढ़ी है जो औरत को कमज़ोर मानती है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उसकी आँखें खुलती हैं और वह सच का साथ देने का फैसला करती है।
Director Shashant Shah की सोच
Director Shashant Shah कहते हैं कि उन्होंने जानबूझकर इस बात का ध्यान रखा कि पुरुष किरदारों को villains की तरह न दिखाया जाए।
“वे आम लोग हैं जैसे हम रोज़ देखते हैं। पितृसत्ता इतनी गहरे पैठ कर चुकी है कि लोग खुद नहीं समझ पाते कि वे गलत कर रहे हैं।”
यह approach इस series को बाकी feminist content से अलग बनाती है। यह किसी को कठघरे में खड़ा नहीं करती, बल्कि आइना दिखाती है।
Divya Dutta को आधी रात को भी आ रहे हैं शुक्रिया के messages
Divya Dutta बताती हैं कि series को जो response मिला है वह भावनाओं से भरा है। “लोग आधी रात को call करके शुक्रिया कह रहे हैं। कविताएं लिखकर भेज रहे हैं। महिलाएं लिख रही हैं कि उन्हें लगा यह सिर्फ मेरी कहानी है, लेकिन आज देखा कि मैं अकेली नहीं हूँ।”
यह किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है।
हालाँकि कुछ लोगों ने इसे “पुरुष विरोधी” और “शादी की पवित्रता पर हमला” भी बताया है। लेकिन Sharma का कहना साफ है, “हम कानून नहीं बना सकते, लेकिन कला के जरिए हम ऐसे मुद्दों को समाज के सामने ला सकते हैं।”
कला वह काम करती है जो कानून नहीं कर पाता
भारत में इससे पहले भी OTT content ने सामाजिक बहस को हवा दी है। जैसे Delhi Crime ने 2012 के Nirbhaya case की तरफ एक बार फिर ध्यान खींचा था और Scam 1992 ने financial fraud की जागरूकता बढ़ाई थी। Chiraiya भी उसी कड़ी में है, लेकिन यह एक और भी संवेदनशील और दबे हुए मुद्दे की आवाज़ उठाती है।
Divya Dutta का आखिरी जुमला इस पूरी series का सार है, “मुझे लगता है कि ऐसी कहानियाँ दुनिया बदल सकती हैं। बदलाव की शुरुआत हमें अपने घर से ही करनी होगी। यही पहला और सबसे मजबूत कदम है।”
