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दोस्त ने ही मार गिराए अपने तीन जेट! कुवैत की गलती से तीन अमेरिकी F-15 तबाह
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बीच बड़ी शर्मिंदगी — कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने दोस्त को दुश्मन समझ लिया, छह पायलट सुरक्षित
युद्ध में दुश्मन की गोली से मरना एक बात होती है — लेकिन जब अपना ही साथी निशाना बन जाए, तो वो सबसे बड़ा धक्का होता है।
ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान — ऑपरेशन एपिक फ्यूरी — के बीच एक ऐसी ही हैरान करने वाली घटना हो गई। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने गलती से तीन अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान मार गिराए।
क्या हुआ उस रात?
रविवार रात 11 बजकर 3 मिनट पर (अमेरिकी समयानुसार) तीन अमेरिकी F-15 स्ट्राइक ईगल विमान कुवैत के ऊपर गिरे — यह एक “फ्रेंडली फायर” की घटना प्रतीत होती है।
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उस समय ईरानी विमान, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन के हमले हो रहे थे — इसी उथल-पुथल के बीच कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली ने अपने ही सहयोगी के विमानों को दुश्मन समझकर निशाना बना दिया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक जेट को आग की लपटों के साथ आसमान से गिरते देखा जा सकता है। एक अन्य वीडियो में पायलट पैराशूट से जमीन पर उतरते नजर आए।
जानें पूरी खबर — राहत भी, सवाल भी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सभी छह पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल आए और उन्हें अस्पताल में स्थिर हालत में बताया गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना को स्वीकार किया और कहा कि तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
लेकिन सवाल यह है — एक ऐसे युद्धक्षेत्र में जहाँ अमेरिका और कुवैत कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हों, वहाँ यह गलती कैसे हुई?
जवाब खोज रहे हैं विशेषज्ञ
विश्लेषकों का मानना है कि जब कुवैत एक साथ 97 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और 283 ड्रोन को रोकने की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान उसकी वायु रक्षा प्रणाली हर उड़ती चीज को निशाना बनाने लगी — जिसमें अमेरिकी F-15 भी आ गए।
जाँचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि कहीं ईरान ने अपनी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग प्रणाली का इस्तेमाल करके कुवैत के रडार को भ्रमित तो नहीं किया यानी यह इतना सीधा मामला भी नहीं है।

यह पहली बार नहीं
इतिहास में ऐसी “फ्रेंडली फायर” की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं। 1988 में अमेरिका ने खुद एक ईरानी नागरिक विमान को गलती से मार गिराया था जिसमें 290 लोग मारे गए थे। 2003 में इराक युद्ध में ब्रिटिश टैंकों पर अमेरिकी विमान ने हमला कर दिया था। इस बार कुवैत ने वही गलती की — लेकिन सौभाग्य से जानें नहीं गईं।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी — युद्ध की जटिलता
यह घटना ऑपरेशन के तीसरे दिन हुई — उसी दिन जब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ ने पेंटागन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह युद्ध “रातोंरात खत्म नहीं होगा।”
अब तक छह अमेरिकी सैनिक इस युद्ध में मारे जा चुके हैं। तीन विमान खो दिए गए — वो भी दुश्मन से नहीं, दोस्त की गोली से। यह सब मिलकर यह बताता है कि आधुनिक युद्ध कितना जटिल, कितना खतरनाक और कितना अप्रत्याशित हो सकता है।
भारत के प्रवासियों के लिए चेतावनी
कुवैत में भारत के करीब दस लाख से अधिक प्रवासी काम करते हैं। भारतीय दूतावास ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और दूतावास के हेल्पलाइन नंबर से संपर्क में रहें।
यह युद्ध अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा — पूरा खाड़ी क्षेत्र आग की जद में है।
