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Karnataka में जल्द बड़ा सियासी उलटफेर? Siddaramaiah अगले हफ्ते Delhi दौरे पर, Cabinet Expansion की तैयारी!
मई की शुरुआत में चार राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद Congress हाईकमान से मिलेंगे Karnataka के CM — Cabinet Reshuffle और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज़
Karnataka की सियासत इन दिनों उबाल पर है। महीनों से लटका cabinet expansion अब शायद अपने अंजाम तक पहुँचने वाला है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री Siddaramaiah अगले हफ्ते — करीब 6 मई के आसपास — Delhi का दौरा कर सकते हैं। यह दौरा तब होगा जब चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके होंगे।
इस दौरे का मकसद साफ है — Congress के हाईकमान से cabinet expansion के लिए हरी झंडी लेना और राज्य में बढ़ते असंतोष को शांत करना।
महीनों से चल रही है cabinet expansion की बात
Karnataka में cabinet reshuffle की चर्चा कोई नई नहीं है — यह मुद्दा महीनों से party के अंदर खींचतान का केंद्र बना हुआ है। राज्य इकाई के भीतर से दबाव बढ़ता जा रहा था, कई नेता और MLA अपनी दावेदारी को लेकर बेचैन थे। अब जब senior नेता एक के बाद एक Delhi के चक्कर लगाने लगे हैं, तो यह संकेत साफ है कि फैसले की घड़ी करीब आ रही है।
Satish Jarkiholi ने KPCC President पद में दिखाई दिलचस्पी
इस बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य के मंत्री Satish Jarkiholi ने यह संकेत दिया है कि वो Karnataka Pradesh Congress Committee (KPCC) के अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी सँभालने के लिए तैयार हैं। यह खुलासा party के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को और हवा दे रहा है।
Party सूत्रों के अनुसार हाईकमान इस पूरे मामले में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, जाति संतुलन और संगठनात्मक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर फैसला करेगा। यानी यह सिर्फ cabinet reshuffle नहीं, बल्कि Karnataka Congress की पूरी रणनीति को नए सिरे से तय करने का मौका है।
Siddaramaiah तैयार हैं — हाईकमान जो कहे, मंज़ूर
Congress MLA KN Rajanna ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि Siddaramaiah ने सभी मंत्रियों को हाईकमान के फैसले को स्वीकार करने की सलाह दी है।
“मंत्री यह मानते हैं कि सत्ता हमेशा नहीं रहती। जिन्होंने सत्ता खोई है, वो इसे वापस पाएंगे, और जिनके पास है वो इसे बनाए रखने की कोशिश करेंगे। यह एक सतत प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री अपना पद छोड़ने के लिए भी तैयार हैं और बनाए रखने के लिए भी। वो वही करेंगे जो हाईकमान और Rahul Gandhi कहेंगे।”
यह बयान इस बात की तरफ इशारा करता है कि Siddaramaiah खुद को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रख रहे हैं — चाहे वो कुर्सी बचानी हो या छोड़नी।

Karnataka Congress के लिए यह वक्त नाज़ुक
Karnataka में Congress की सरकार है, लेकिन भीतरी खींचतान और नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता पार्टी की ऊर्जा को बाँट रही है। एक तरफ 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी करनी है, तो दूसरी तरफ पार्टी के अलग-अलग धड़ों को साथ लेकर चलना भी ज़रूरी है।
ऐसे में अगले कुछ दिन Karnataka की सियासत के लिए बेहद अहम साबित होंगे। Siddaramaiah का Delhi दौरा सिर्फ एक मुलाकात नहीं होगी — यह तय करेगा कि Karnataka Congress की अगली पारी किस दिशा में जाएगी।
