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AAP में और टूट की तैयारी? Akali Dal का दावा 2 और सांसद छोड़ेंगे Kejriwal का साथ
BJP में 7 सांसदों के जाने के बाद अब Bikram Singh Majithia का बड़ा दावा — Lok Sabha के 2 और AAP सांसद पार्टी छोड़ने की कगार पर, Raghav Chadha की बगावत के बाद पार्टी पहले से ही बेहाल
Aam Aadmi Party के लिए मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रहीं। पहले BJP में सात सांसदों की एक साथ विदाई, फिर Raghav Chadha की बगावत — और अब Shiromani Akali Dal का एक और बड़ा दावा जिसने AAP की नींव और हिला दी है।
Akali Dal के महासचिव Bikram Singh Majithia ने एक online post में दावा किया है कि AAP के दो और Lok Sabha सांसद जल्द ही पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। उन्होंने अपनी post में AAP, Arvind Kejriwal और Punjab के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को tag करते हुए लिखा — “एक और दिन, एक और विदाई loading… सूत्रों के अनुसार दो Lok Sabha सांसद जल्द ही AAP से उड़ान भर सकते हैं। ‘Frequent Flier’ की यह लिस्ट बढ़ती ही जा रही है।”
AAP की अब तक की स्थिति
इस वक्त AAP के पास Lok Sabha में सिर्फ तीन सांसद हैं — और तीनों Punjab से। अगर Majithia का दावा सच साबित होता है और दो सांसद पार्टी छोड़ते हैं, तो यह भारत के दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनके लिए सुरक्षित भी होगा।
दरअसल, भारत का Anti-Defection Law यह प्रावधान देता है कि अगर किसी पार्टी के कुल सदस्यों में से दो-तिहाई एक साथ अलग होकर किसी दूसरी पार्टी में शामिल हों, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। Lok Sabha में AAP के तीन में से दो सांसद यानी दो-तिहाई — इस नियम की शर्त पूरी करते हैं।
ऐसे में AAP के पास बचेंगे महज़ चार सांसद — तीन Rajya Sabha में और एक Lok Sabha में।
Raghav Chadha की बगावत ने पहले ही दिया था झटका
यह पहला झटका नहीं है। कुछ दिन पहले ही युवा सांसद Raghav Chadha ने Rajya Sabha में AAP से अलग होकर पार्टी की दो-तिहाई ताकत अपने साथ ले ली। Chadha ने अपने इस कदम को justify करते हुए AAP पर “भ्रष्ट और समझौतापरस्त” होने का आरोप लगाया।
दूसरी तरफ AAP ने इसे “विश्वासघात” करार दिया — और यह भी याद दिलाया कि पार्टी ने ही Chadha को पहले MLA और फिर MP बनाया था। लेकिन Chadha इन बातों से बेपरवाह दिखे।
AAP ने अभी तक नहीं दिया जवाब
Majithia के इस दावे पर AAP की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी की चुप्पी खुद कई सवाल खड़े कर रही है। क्या पार्टी नेतृत्व को भी अंदेशा है? या फिर वो इस दावे को अफवाह मानकर नज़रअंदाज़ कर रही है?

Punjab में AAP का भविष्य — सवालों के घेरे में
Punjab AAP का सबसे मज़बूत गढ़ रहा है। Bhagwant Mann की सरकार अभी भी राज्य में है, लेकिन संसद में पार्टी की घटती ताकत एक बड़े राजनीतिक संकट की तरफ इशारा कर रही है। अगर यह टूट और बड़ी हुई तो AAP के लिए राष्ट्रीय स्तर पर खुद को relevant बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।
Arvind Kejriwal जो पार्टी एक आंदोलन से बनाकर दिल्ली से Punjab तक ले गए — वो अब एक के बाद एक झटकों से डगमगाती दिख रही है। और राजनीति में जब घर के अंदर से ही दरारें पड़ने लगें, तो बाहर का दुश्मन कुछ करने की ज़रूरत नहीं रहती।
