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Karnataka में बड़ा उलटफेर? Siddaramaiah Delhi तलब DK Shivakumar को नहीं मिला बुलावा
77 साल के CM खुद नहीं जानते बैठक का एजेंडा — कुर्सी बदलने की अटकलें हुईं तेज़
Karnataka की सियासत में इस वक्त हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah अपने कैबिनेट सहयोगियों और करीबी सहायकों के साथ Delhi रवाना हो गए हैं — और इसी के साथ राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि Deputy CM DK Shivakumar को इस Delhi बैठक में नहीं बुलाया गया है। यह अनुपस्थिति कई सवाल खड़े कर रही है।
CM खुद हैरान — “मुझे नहीं पता बैठक का विषय”
Siddaramaiah ने खुद स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता कि Delhi में किस बात पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, “मुझे Delhi बुलाया गया है। मुझे बैठक का विषय नहीं पता। मंगलवार सुबह 11 बजे मीटिंग है। अटकलें तो हमेशा लगती रहती हैं।”
यह बयान अपने आप में बहुत कुछ कह देता है। एक मुख्यमंत्री जिसे यह नहीं बताया गया कि उन्हें राजधानी क्यों तलब किया गया है — यह राजनीतिक संकेत साफ है कि Congress आलाकमान कुछ बड़ा सोच रही है।
Siddaramaiah बनाम DK Shivakumar — पुरानी रंजिश, नया मोड़
Karnataka में Congress की सरकार बनने के बाद से ही Siddaramaiah और DK Shivakumar के बीच CM की कुर्सी को लेकर खींचतान जगजाहिर रही है। दोनों नेताओं के बीच एक अनकहा समझौता था कि सत्ता को आधा-आधा बाँटा जाएगा — यानी कुछ समय बाद Shivakumar को CM बनाया जाएगा।
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लेकिन Siddaramaiah ने जनवरी 2025 में इतिहास रच दिया — वे Karnataka के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बन गए, जिन्होंने Congress के दिग्गज नेता D Devaraj Urs का रिकॉर्ड तोड़ा। अब जब वे इस मुकाम पर हैं, तो कुर्सी छोड़ने का सवाल और भी संवेदनशील हो जाता है।
इस बार DK Shivakumar का Delhi न बुलाया जाना — एक ऐसे समय में जब Siddaramaiah को तलब किया गया है — इस पूरे घटनाक्रम को और भी रहस्यमय बना देता है।
क्या बदलेगी Karnataka की कुर्सी?

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज़ है कि Congress आलाकमान DK Shivakumar को CM बनाने पर विचार कर सकती है। Shivakumar खुद लंबे समय से इस पद के दावेदार रहे हैं और उनका मानना है कि Karnataka में पार्टी की जीत में उनका बड़ा योगदान है।
दूसरी तरफ Siddaramaiah के समर्थक यह तर्क देते हैं कि सरकार स्थिर है, विकास कार्य जारी हैं — ऐसे में नेतृत्व बदलना न तो ज़रूरी है और न ही सही।
लेकिन Delhi की यह बैठक जो कुछ तय करेगी, वह Karnataka की सियासत की दिशा बदल सकती है।
Karnataka की राजनीति का नया अध्याय?
Siddaramaiah का यह Delhi दौरा महज एक सामान्य राजनीतिक भेंट नहीं लग रही। cabinet सहयोगियों का साथ होना, DK Shivakumar का न बुलाया जाना और CM का खुद बैठक का विषय न जानना — यह तीनों मिलकर एक बड़े सियासी बदलाव की आहट दे रहे हैं।
Karnataka के लोगों और Congress के नेताओं की नज़रें अब Delhi पर टिकी हैं। मंगलवार की वह 11 बजे की बैठक Karnataka के भविष्य का फैसला कर सकती है।
